गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार बांग्लादेशी नागरिकों के आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज हासिल किए जाने की रिपोर्ट की गहन जांच कर रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विस्तृत आंकड़ा एकत्र करने के निर्देश
पत्रकारों से बातचीत में गृह मंत्री ने बताया कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को राज्य में बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी से जुड़ा विस्तृत आंकड़ा एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। जांच का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है, जो अवैध रूप से देश में प्रवेश कर राज्य में रहने के लिए स्थानीय पहचान दस्तावेज हासिल कर चुके हैं।
आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनवा लेते हैं
परमेश्वर ने कहा, हम इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्तों को बांग्लादेशी नागरिकों से संबंधित जानकारी जुटाने को कहा गया है। कई लोग यहां आकर आधार कार्ड Aadhar card और अन्य पहचान पत्र बनवा लेते हैं और ऐसे रह रहे हैं, जैसे वे विदेशी नागरिक ही न हों।
उन्होंने बताया कि हाल ही में दो बांग्लादेशी नागरिकों Bangladeshi citizens की गिरफ्तारी हुई है, जिनके पास कथित रूप से आधार कार्ड भी थे। गृह मंत्री ने कहा कि कर्नाटक सरकार Karnataka Government पहले भी कुछ बांग्लादेशी नागरिकों को देश से बाहर भेज चुकी है और आगे भी ऐसे मामलों में यही कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध अप्रवासियों के देश में प्रवेश के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीमा प्रबंधन केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, कहा जाता है कि रिश्वत देकर या चुपके से सीमा पार की जाती है। सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी सीमा सुरक्षा बल और केंद्र सरकार की है।
शांतिपूर्ण शहर मानकर यहां बस जाते हैं
परमेश्वर ने कहा कि कई अवैध अप्रवासी बेंगलूरु को शांतिपूर्ण शहर मानकर यहां बस जाते हैं। उन्होंने बताया कि सकलेशपुर क्षेत्र के कॉफी बागानों में काम कर रहे कुछ बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि आनेकल और आसपास के इलाकों में बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी की जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। जहां भी ऐसे लोग पाए जाएंगे, उन्हें चिन्हित कर देश से बाहर भेजा जाएगा।
कुछ समूहों के खुद ही पृष्ठभूमि जांच किए जाने की खबरों पर गृह मंत्री ने सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कानून को हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं है। नागरिक केवल पुलिस को सूचना दे सकते हैं, स्वयं किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि किसी के साथ मारपीट या बदसलूकी की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी संगठन या व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार देश से बाहर भेजे गए लोगों से जुड़ा आंकड़ा सार्वजनिक करेगी।


