बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को गंगा बहुद्देश्यीय सभागार में पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के समस्त ग्राम प्रधान और कोटेदार उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने दो दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने और एक सप्ताह के अंदर सोलर पैनल स्थापित करने की समय सीमा तय की। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों और कोटेदारों को बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत उपभोक्ता बिजली बचा सकते हैं, सरकारी अनुदान प्राप्त कर सकते हैं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना में उपलब्ध खाली छत का उपयोग कर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाया जाता है, जिससे 90 प्रतिशत तक बिजली की बचत संभव है। डीएम ने बताया कि यह प्रणाली 25 वर्षों की गारंटी के साथ आती है और न्यूनतम रखरखाव खर्च में बिजली बचत के माध्यम से इसकी लागत भी वापस हो जाती है। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों और कोटेदारों से स्वयं अपने घरों में इस योजना का कनेक्शन लेने और अपने-अपने गांवों में लोगों को इसके लिए जागरूक करने की अपील की। सरकार द्वारा इस योजना में सब्सिडी भी दी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। जिले में 13 अधिकृत वेंडर्स तैनात किए गए हैं, जो उपभोक्ताओं के घर जाकर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करेंगे। जिलाधिकारी ने प्रधानों और कोटेदारों को निर्देशित किया कि वे दो दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि एक सप्ताह के अंदर वेंडर्स के माध्यम से उनके घरों पर सोलर पैनल लगाए जा सकें। इसके अतिरिक्त, 11 और 17 जनवरी को वेंडर्स गांवों में जाकर ग्राम प्रधानों और कोटेदारों के साथ योजना को लेकर बैठक भी करेंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले में तैनात सभी 13 वेंडर्स के नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर प्रत्येक विकास खंड कार्यालय पर चस्पा किए जाएं, जिससे आम लोगों को संपर्क करने में सुविधा हो। बैठक के दौरान प्रधानों और कोटेदारों ने विद्युत विभाग द्वारा कनेक्शन देने में लापरवाही की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही, बैंकों द्वारा योजना के तहत ऋण देने में लापरवाही की शिकायत पर जिलाधिकारी ने एलडीएम को निर्देशित किया कि पीएम सूर्य घर योजना में बैंक प्रबंधकों की ओर से किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, सभी प्रधान, सभी कोटेदार और अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


