सतना में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के हितग्राहियों को निशाना बनाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग का अधिकारी बनकर फोन करने और लिंक भेजकर खातों से हजारों रुपए उड़ाए जा रहे हैं। जिले में दो दिन के भीतर ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जिनकी शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई गई है। पहले मामले में, ठग ने खुद को महिला एवं बाल विकास विभाग का कर्मचारी ‘प्रेम नारायण यादव’ बताकर शिवम साहू को फोन किया। ठग ने बताया कि संबल कार्ड में बैंक अकाउंट अपडेट नहीं है, जिस कारण पीएम मातृ वंदना योजना की राशि खाते में नहीं आ रही है। इसके लिए दूसरा खाता नंबर देने को कहा गया। बातचीत के दौरान शिवम ने अपने भाई का बैंक अकाउंट नंबर दिया। इसके बाद फोन-पे पर एक लिंक का अलर्ट आया और ओटीपी शेयर करते ही खाते से चार किश्तों में कुल 28 हजार रुपए निकाल लिए गए। पहली बार 10 हजार, फिर 5-5 हजार और अंत में 8 हजार रुपए की निकासी हुई। दूसरे युवक से 10 हजार ठगे
दूसरा मामला रविवार का है, जिसमें बंटी साहू नामक हितग्राही के खाते से 10 हजार रुपए निकाल लिए गए। दोनों मामलों में यह बात सामने आई कि ठगों ने संबल कार्डधारी पीएम मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को ही निशाना बनाया। एक मामले में हाल ही में डिलीवरी हुई थी, जबकि दूसरे में चार वर्ष पहले डिलीवरी का मामला था। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। पहले बच्चे के लिए 5 हजार रुपए और दूसरे बच्चे (बालिका होने पर) 6 हजार रुपए तक की राशि सीधे बैंक खाते में किश्तों में भेजी जाती है। यह राशि पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच, प्रसव और टीकाकरण के बाद मिलती है। ‘प्रेम नारायण’ नाम का कोई कर्मचारी विभाग में नहीं
वार्ड क्रमांक 45 के पार्षद पंकज कुशवाहा ने नागरिकों से अपील की कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या अधिकारी बनकर आने वाले किसी भी फोन पर ओटीपी, लिंक या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। उन्होंने बताया कि उनके वार्ड में ही दो परिवार ठगी का शिकार हुए हैं। महिला बाल विकास अधिकारी राजीव सिंह ने स्पष्ट किया कि विभाग में “प्रेम नारायण यादव” नाम का कोई कर्मचारी नहीं है और योजना की राशि भारत सरकार स्वयं सीधे खाते में भेजती है। किसी भी तरह के फोन या लिंक से सावधान रहने की आवश्यकता है।


