31 जनवरी तक डीएल-आरसी के सभी लंबित मामले होंगे शून्य:परिवहन आयुक्त बोले- नहीं होने पर डीलरों का लॉगिन होगा रद्द, रोज चलेगा चेकिंग अभियान

31 जनवरी तक डीएल-आरसी के सभी लंबित मामले होंगे शून्य:परिवहन आयुक्त बोले- नहीं होने पर डीलरों का लॉगिन होगा रद्द, रोज चलेगा चेकिंग अभियान

राज्य में परिवहन विभाग से जुड़ी सेवाओं को और अधिक तेज और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल), वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी), परमिट, हिट एंड रन एवं नॉन हिट एंड रन दावे, मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल और बस स्टॉप से जुड़ी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। 31 जनवरी 2026 तक सभी लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य बैठक में राज्य परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परिवहन विभाग की सेवाएं सीधे आम जनता से जुड़ी हैं, इसलिए उनका समय से निष्पादन करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि 31 जनवरी 2026 तक ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण से जुड़े सभी लंबित मामलों को शून्य किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि 6 माह और 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत निपटाया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। लापरवाह डीलरों पर होगी सख्त कार्रवाई, रद्द होगा लॉगिन आईडी समीक्षा के दौरान कई जिलों ने जानकारी दी कि वाहन पंजीकरण से जुड़े अनेक मामले डीलर या एजेंसी स्तर पर लंबित पड़े हैं। इस पर राज्य परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिया कि संबंधित डीलरों और एजेंसियों के साथ बैठक कर तत्काल इन मामलों का निष्पादन कराया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तय समय सीमा में लंबित मामलों का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित डीलर या शोरूम का लॉगिन आईडी रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण वाले वाहन किसी भी हालत में सड़कों पर नहीं चलने चाहिए। राज्यभर में रोज चलेगा हेलमेट-सीटबेल्ट जांच अभियान बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए। राज्य परिवहन आयुक्त ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसलिए सभी जिलों में प्रतिदिन सघन जांच अभियान चलाया जाए। हेलमेट और सीट बेल्ट सिर्फ नियम नहीं बल्कि जीवन रक्षक उपकरण हैं, जो सड़क दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोटों से बचाते हैं और लोगों की जान बचाते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। कर्व और ब्लाइंड स्पॉट पर लगेंगे मिरर और साइनेज सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर राज्य परिवहन आयुक्त ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि तीखे मोड़, ब्लाइंड स्पॉट, कर्व और टी-प्वाइंट जैसे दुर्घटना संभावित स्थलों पर मिरर और साइनेज लगाए जाएं। महत्वपूर्ण हाईवे और व्यस्त सड़कों पर इन स्थानों पर दुर्घटना की संभावना अधिक रहती है। इसलिए कर्व और मोड़ों पर मिरर लगाना, जरूरी स्थानों पर साइनेज लगाना, चौराहों और डिवाइडर पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाना, ब्लाइंड स्पॉट की पहचान कर उन्हें सुधारना, इन सभी कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य परिवहन आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि विभाग की छवि आम जनता के बीच उसके कामकाज से बनती है। इसलिए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन, सड़क सुरक्षा और नियमों का सख्त पालन- इन तीनों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाए। आने वाले समय में इन निर्देशों की फील्ड लेवल पर सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राज्य में परिवहन विभाग से जुड़ी सेवाओं को और अधिक तेज और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल), वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी), परमिट, हिट एंड रन एवं नॉन हिट एंड रन दावे, मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल और बस स्टॉप से जुड़ी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। 31 जनवरी 2026 तक सभी लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य बैठक में राज्य परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परिवहन विभाग की सेवाएं सीधे आम जनता से जुड़ी हैं, इसलिए उनका समय से निष्पादन करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि 31 जनवरी 2026 तक ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण से जुड़े सभी लंबित मामलों को शून्य किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि 6 माह और 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत निपटाया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। लापरवाह डीलरों पर होगी सख्त कार्रवाई, रद्द होगा लॉगिन आईडी समीक्षा के दौरान कई जिलों ने जानकारी दी कि वाहन पंजीकरण से जुड़े अनेक मामले डीलर या एजेंसी स्तर पर लंबित पड़े हैं। इस पर राज्य परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिया कि संबंधित डीलरों और एजेंसियों के साथ बैठक कर तत्काल इन मामलों का निष्पादन कराया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तय समय सीमा में लंबित मामलों का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित डीलर या शोरूम का लॉगिन आईडी रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण वाले वाहन किसी भी हालत में सड़कों पर नहीं चलने चाहिए। राज्यभर में रोज चलेगा हेलमेट-सीटबेल्ट जांच अभियान बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए। राज्य परिवहन आयुक्त ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसलिए सभी जिलों में प्रतिदिन सघन जांच अभियान चलाया जाए। हेलमेट और सीट बेल्ट सिर्फ नियम नहीं बल्कि जीवन रक्षक उपकरण हैं, जो सड़क दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोटों से बचाते हैं और लोगों की जान बचाते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। कर्व और ब्लाइंड स्पॉट पर लगेंगे मिरर और साइनेज सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर राज्य परिवहन आयुक्त ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि तीखे मोड़, ब्लाइंड स्पॉट, कर्व और टी-प्वाइंट जैसे दुर्घटना संभावित स्थलों पर मिरर और साइनेज लगाए जाएं। महत्वपूर्ण हाईवे और व्यस्त सड़कों पर इन स्थानों पर दुर्घटना की संभावना अधिक रहती है। इसलिए कर्व और मोड़ों पर मिरर लगाना, जरूरी स्थानों पर साइनेज लगाना, चौराहों और डिवाइडर पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाना, ब्लाइंड स्पॉट की पहचान कर उन्हें सुधारना, इन सभी कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य परिवहन आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि विभाग की छवि आम जनता के बीच उसके कामकाज से बनती है। इसलिए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन, सड़क सुरक्षा और नियमों का सख्त पालन- इन तीनों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाए। आने वाले समय में इन निर्देशों की फील्ड लेवल पर सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  

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