Budget 2026 आने से पहले नए टैक्स सिस्टम (New Tax Regime) को लेकर लोगों के मन में कई सवाल बने हुए हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि इस टैक्स सिस्टम में किसी भी तरह की छूट मिलती है या नहीं। सरकार ने नए टैक्स सिस्टम को आसान बनाने के लिए इसमें अधिकांश छूट और कटौतियां हटाई थीं। इसलिए आमतौर पर यह माना जाता है कि नए टैक्स सिस्टम में कोई टैक्स छूट नहीं होती, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। खासकर अगर आपकी प्रॉपर्टी किराये पर दी गई है, तो Home Loan Interest पर अब भी कुछ राहत मिलती है।
Home Loan ब्याज का नियम
नए टैक्स सिस्टम में खुद रहने वाले मकान यानी Self-Occupied Property पर होम लोन के ब्याज पर कोई छूट नहीं मिलती। लेकिन अगर मकान किराये पर दिया गया है, तो नियम अलग हो जाते हैं। ऐसी संपत्ति को Let-Out Property कहा जाता है। इस स्थिति में मकान से होने वाली आय की गणना करते समय सेक्शन 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज को घटाने की अनुमति है। हालांकि, यह छूट पूरी तरह खुली नहीं होती और कुछ तय नियमों के साथ ही मिलती है। इसका मकसद यह देखना है कि किराये से असल में कितनी आय हो रही है।
Loss Set-Off और Carry Forward की सीमाएं
अगर आपने घर किराये पर दिया है और होम लोन लिया हुआ है, तो नए टैक्स सिस्टम (New Tax Regime) में नुकसान को समझना जरूरी है। अगर आपको किराये से कम पैसा मिलता है और लोन का ब्याज ज्यादा देना पड़ता है, तो इसे नुकसान कहा जाता है। Budget 2026 के नियमों के अनुसार, इस नुकसान को आप अपनी सैलरी या दूसरी कमाई से पूरा नहीं घटा सकते। साथ ही, यह नुकसान कई सालों तक आगे (Carry Forward) ले जाकर एडजस्ट करने की सुविधा भी ज्यादातर मामलों में नहीं मिलती। पुराने टैक्स सिस्टम के मुकाबले यह नियम ज्यादा सख्त है।
किराये की आय ज्यादा
अगर आपके घर से मिलने वाला किराया, होम लोन के ब्याज से ज्यादा है, तो आप आय में से पूरे ब्याज की कटौती ले सकते हैं। इसके बाद जो रकम बचती है, उसी पर टैक्स देना होता है। इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय बैंक या लोन देने वाले का नाम, लोन अकाउंट की जानकारी, लोन लेने की तारीख और साल भर में चुकाया गया ब्याज सही-सही बताना जरूरी है। अगर कोई जानकारी गलत या अधूरी हुई, तो टैक्स विभाग सवाल पूछ सकता है या नोटिस भेज सकता है।


