बिहार के सीएम नीतीश कुमार मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से यात्रा पर निकलने वाले हैं। विधानसभा चुनाव 2025 में बड़ी जीत के बाद जनता से मिलेंगे और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। समृद्धि यात्रा कुल चार चरणों में संपन्न होगी। यात्रा का पहला चरण 16 जनवरी से 24 जनवरी तक चलेगा, जिसमें मुख्यमंत्री पश्चिमी चंपारण से यात्रा प्रारंभ कर वैशाली में इसका समापन करेंगे। दूसरा चरण 27 जनवरी से शुरू होकर 9 फरवरी को कटिहार में समाप्त होगा। तीसरे चरण की यात्रा 11 फरवरी को भागलपुर से प्रारंभ होकर 23 फरवरी को बक्सर में समाप्त होगी। तीसरे चरण के अंतर्गत 18 फरवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार औरंगाबाद जिले के दौरे पर रहेंगे। चौथे चरण में मुख्यमंत्री 24 फरवरी को नालंदा और 25 फरवरी को पटना में कार्यक्रमों में शामिल होंगे। 25-26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह और 10-24 फरवरी को मंत्री परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री शामिल होंगे। विकास कार्यों का उद्घाटन शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री के प्रस्तावित औरंगाबाद दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। सभी विभागों को योजनाओं की अद्यतन स्थिति सुनिश्चित करने और जमीनी स्तर पर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री इससे पहले 11 फरवरी को प्रगति यात्रा के दौरान औरंगाबाद आए थे। जिले में 127.43 करोड़ रुपए की लागत से 79 योजनाओं का उद्घाटन और 428.76 करोड़ रुपए की लागत से 116 योजनाओं का शिलान्यास किया था। इन योजनाओं में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, जल संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी गई थी। सूत्रों के अनुसार, 18 फरवरी को प्रस्तावित समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री औरंगाबाद जिले को बड़ी सौगात दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि बारुण प्रखंड में लगभग 2000 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना औरंगाबाद शहर के अलावा रोहतास के डेहरी और सासाराम में भी में लंबे समय से चली आ रही पेयजल संकट की समस्या को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगी। लगभग 7. 5 लाख घरों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा जिले की कई अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन भी कर सकते हैं। सीएम के दौरे को लेकर दिए दिशा-निर्देश समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री प्रत्येक जिले में जन संवाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे, जहां वे आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुनेंगे। साथ ही जिलास्तरीय योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए मुख्य सचिव की ओर से जिलाधिकारी को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर औरंगाबाद में विकास कार्यों की रफ्तार तेज हो गई है और प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से यात्रा पर निकलने वाले हैं। विधानसभा चुनाव 2025 में बड़ी जीत के बाद जनता से मिलेंगे और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। समृद्धि यात्रा कुल चार चरणों में संपन्न होगी। यात्रा का पहला चरण 16 जनवरी से 24 जनवरी तक चलेगा, जिसमें मुख्यमंत्री पश्चिमी चंपारण से यात्रा प्रारंभ कर वैशाली में इसका समापन करेंगे। दूसरा चरण 27 जनवरी से शुरू होकर 9 फरवरी को कटिहार में समाप्त होगा। तीसरे चरण की यात्रा 11 फरवरी को भागलपुर से प्रारंभ होकर 23 फरवरी को बक्सर में समाप्त होगी। तीसरे चरण के अंतर्गत 18 फरवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार औरंगाबाद जिले के दौरे पर रहेंगे। चौथे चरण में मुख्यमंत्री 24 फरवरी को नालंदा और 25 फरवरी को पटना में कार्यक्रमों में शामिल होंगे। 25-26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह और 10-24 फरवरी को मंत्री परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री शामिल होंगे। विकास कार्यों का उद्घाटन शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री के प्रस्तावित औरंगाबाद दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। सभी विभागों को योजनाओं की अद्यतन स्थिति सुनिश्चित करने और जमीनी स्तर पर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री इससे पहले 11 फरवरी को प्रगति यात्रा के दौरान औरंगाबाद आए थे। जिले में 127.43 करोड़ रुपए की लागत से 79 योजनाओं का उद्घाटन और 428.76 करोड़ रुपए की लागत से 116 योजनाओं का शिलान्यास किया था। इन योजनाओं में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, जल संरक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी गई थी। सूत्रों के अनुसार, 18 फरवरी को प्रस्तावित समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री औरंगाबाद जिले को बड़ी सौगात दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि बारुण प्रखंड में लगभग 2000 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना औरंगाबाद शहर के अलावा रोहतास के डेहरी और सासाराम में भी में लंबे समय से चली आ रही पेयजल संकट की समस्या को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगी। लगभग 7. 5 लाख घरों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा जिले की कई अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन भी कर सकते हैं। सीएम के दौरे को लेकर दिए दिशा-निर्देश समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री प्रत्येक जिले में जन संवाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे, जहां वे आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुनेंगे। साथ ही जिलास्तरीय योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। इस यात्रा को सफल बनाने के लिए मुख्य सचिव की ओर से जिलाधिकारी को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर औरंगाबाद में विकास कार्यों की रफ्तार तेज हो गई है और प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं।


