मोतिहारी में कुंडवा चैनपुर पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। थानाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने तस्करी के लिए ले जाए जा रहे मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बताया है। थानाध्यक्ष सुनील कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल से बड़ी संख्या में पशुओं की एक खेप तस्करी के उद्देश्य से सीमा पार कराई जाने वाली है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय स्थापित किया। इसके बाद बलुआ बॉर्डर के पास सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया गया। पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी। मवेशियों को छोड़कर तस्कर फरार इसी दौरान जैसे ही पशु तस्करों को पुलिस कार्रवाई की भनक लगी, वे मवेशियों को वहीं छोड़कर अंधेरे का सहारा लेते हुए फरार हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तत्काल पशुओं को अपने कब्जे में लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। मुक्त कराए गए पशुओं की देखरेख की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पशु तस्करी नहीं की जाएगी बर्दाश्त थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि पशु तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि तस्करों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी। थानाध्यक्ष ने पशु तस्करों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस रास्ते से तस्करी करना छोड़ दें, अन्यथा उनका ठिकाना सीधे जेल होगा। उन्होंने यह भी बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त निगरानी और सख्त की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ऐसे अभियानों से पशु तस्करी पर प्रभावी रोक लगेगी। मोतिहारी में कुंडवा चैनपुर पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। थानाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने तस्करी के लिए ले जाए जा रहे मवेशियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता बताया है। थानाध्यक्ष सुनील कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल से बड़ी संख्या में पशुओं की एक खेप तस्करी के उद्देश्य से सीमा पार कराई जाने वाली है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय स्थापित किया। इसके बाद बलुआ बॉर्डर के पास सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया गया। पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी। मवेशियों को छोड़कर तस्कर फरार इसी दौरान जैसे ही पशु तस्करों को पुलिस कार्रवाई की भनक लगी, वे मवेशियों को वहीं छोड़कर अंधेरे का सहारा लेते हुए फरार हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तत्काल पशुओं को अपने कब्जे में लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। मुक्त कराए गए पशुओं की देखरेख की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पशु तस्करी नहीं की जाएगी बर्दाश्त थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि पशु तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि तस्करों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी। थानाध्यक्ष ने पशु तस्करों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस रास्ते से तस्करी करना छोड़ दें, अन्यथा उनका ठिकाना सीधे जेल होगा। उन्होंने यह भी बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त निगरानी और सख्त की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ऐसे अभियानों से पशु तस्करी पर प्रभावी रोक लगेगी।


