मुंबई महानगरपालिका चुनाव के प्रचार को अब सिर्फ कुछ ही घंटे बचे हैं और इसी के साथ सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। सभी बड़े दल आखिरी दम तक मतदाताओं को साधने में जुटे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में महायुति की एक बड़ी प्रचार सभा आयोजित की गई, जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
सभा के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और राज ठाकरे (Raj Thackeray) के बयानों का सीधे जवाब देते हुए कहा कि ‘मराठी मानुस’ के अस्तित्व को कोई खतरा नहीं है, बल्कि खतरा उन लोगों के राजनीतिक अस्तित्व पर मंडरा रहा है जो वर्षों से इसी मुद्दे पर राजनीति करते आए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महाराष्ट्र किसी एक व्यक्ति या परिवार की जागीर नहीं है और मुंबई में मराठी अस्मिता सुरक्षित है।
‘आपको शर्म आनी चाहिए’
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, “मराठी मानुष का अस्तित्व कभी खतरे में नहीं था और न कभी होगा। असल में अस्तित्व तो आपका (उद्धव और राज ठाकरे) खतरे में है। मैं यह बात फिर से कहना चाहता हूं कि आप पूरा महाराष्ट्र नहीं हैं। आप यहां अकेले मराठी नहीं हैं।” उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि मुंबई का मेयर केवल और केवल मराठी व्यक्ति ही होगा।
उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने सवाल किया, “अगर आज आपको लग रहा है कि मराठी मानुष खतरे में है, तो आप पिछले 30 सालों से नगर निगम में क्या कर रहे थे? आप सिर्फ मराठी वोट के लिए राजनीति करते हैं, आपको तो शर्म से डूब मरना चाहिए।”
हिंदी विवाद पर ठाकरे को घेरा
भाषा विवाद पर बोलते हुए फडणवीस ने पूर्ववर्ती महाविकास आघाडी सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते हुए एक रिपोर्ट लाई गई थी, जिसमें स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी पढ़ाने की सिफारिश की गई थी। यह रिपोर्ट सितंबर 2021 में पेश हुई और 20 जनवरी 2022 को उद्धव ठाकरे की कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने सिर्फ उसी फैसले के क्रियान्वयन पर अध्ययन के लिए एक कमेटी बनाई, लेकिन इसी बात पर बेवजह हंगामा खड़ा किया गया।
अडानी के मुद्दे पर दिया जवाब
विपक्ष द्वारा अडानी समूह को फायदा पहुंचाने के आरोपों पर फडणवीस ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में जो भी निवेश लाएगा और रोजगार पैदा करेगा, उसका स्वागत है। उन्होंने कांग्रेस शासित राज्यों में अडानी के निवेश का हवाला देते हुए पूछा कि वहां विरोध क्यों नहीं होता? साथ ही, सभा के दौरान फडणवीस ने राज ठाकरे के साथ अडानी की एक तस्वीर भी दिखाई और उनके रुख पर सवाल उठाए।
सीएम फडणवीस ने कहा, “महाराष्ट्र में एक भी मराठी व्यक्ति बेरोजगार नहीं रहेगा। इसलिए चाहे अडानी आएं या कोई और, जो भी महाराष्ट्र में निवेश करेगा, हम उसका स्वागत करेंगे। हम किसी को भी गलत फायदा नहीं उठाने देंगे, लेकिन राज्य में आने वाले निवेशकों का स्वागत जरूर करेंगे।”
वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भावनात्मक भाषणों पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग इस चुनाव को ‘मराठी मानुस के अस्तित्व की आखिरी लड़ाई’ बताकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुंबई में मराठी लोगों का अस्तित्व कभी खतरे में नहीं था और न ही कभी होगा। शिंदे ने विश्वास जताया कि बीएमसी में महायुति की सरकार बनेगी और इसे उन्होंने ‘काले पत्थर पर खिंची केसरिया लकीर’ बताया।


