कानपुर कचहरी में बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव को लेकर माहौल पहले से ही गरमा गया है। अध्यक्ष और महामंत्री पद के दावेदारों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तय कर ली हैं। इस बार चुनाव में पुराने अनुभव और नए जोश के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है, जिससे कचहरी परिसर में सियासी हलचल तेज हो गई है। अध्यक्ष पद पर दिनेश शुक्ला की दमदार दावेदारी
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी दिनेश कुमार शुक्ला ने चुनावी मैदान में पूरे आत्मविश्वास के साथ एंट्री की है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में वह महज कुछ मतों से हार गए थे, लेकिन इस बार अधिवक्ताओं के हित की निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शुक्ला ने अपने लंबे अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि वह 1999 और 2006 में मंत्री, 2014 में महामंत्री और 2019 में अध्यक्ष रह चुके हैं। कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं
दिनेश शुक्ला ने बताया कि उनके कार्यकाल में बार एसोसिएशन भवन का हॉल निर्माण, परिसर का सुंदरीकरण और बार में पहला कंप्यूटर लगवाने जैसे अहम काम हुए। उन्होंने साफ-सफाई और पार्किंग को अपनी प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए कहा कि संगठन प्रशासनिक बॉडी न होते हुए भी प्रशासन के सहयोग से वीआईपी रोड पर बड़ी पार्किंग की व्यवस्था शुरू कराई गई है, जो एक साल में पूरी हो जाएगी। हक पर हमला हुआ तो आंदोलन तय
दिनेश शुक्ला ने दो टूक कहा कि यदि अधिवक्ताओं की गरिमा और हैसियत को कम करने का कोई प्रयास किया गया तो उनका पूरा कार्यकाल हड़ताल और आंदोलन को समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। महामंत्री पद पर रुद्र प्रताप सिंह का नया जोश
महामंत्री पद के प्रत्याशी रुद्र प्रताप सिंह नए जोश और ठोस एजेंडे के साथ मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के बैठने की बेहतर व्यवस्था और स्थायी पार्किंग उनकी पहली प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही वह युवा और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए एक्सीडेंट और मेडिकल क्लेम पॉलिसी लागू कराने का वादा कर रहे हैं। सुरक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
रुद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्व में किए गए प्रयास सफल नहीं हो सके, लेकिन यदि उन्हें मौका मिला तो सभी अधिवक्ताओं के लिए सामूहिक जीवन सुरक्षा और मेडिकल क्लेम की सुविधा जरूर लागू कराई जाएगी। उन्होंने कचहरी परिसर में गवाह घर और चैंबर निर्माण से जुड़े अधूरे कार्यों का भी मुद्दा उठाया। प्रशासन पर तीखा हमला
महामंत्री प्रत्याशी रुद्र प्रताप सिंह ने प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि लंबे समय से अधिवक्ताओं की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका नारा है—“अधिवक्ता ताकतवर हो, सुरक्षित हो और जो अधिवक्ता हित की बात करेगा, उसे आगे मौका मिले।” कचहरी में बढ़ी सियासी हलचल
अध्यक्ष और महामंत्री पद के प्रत्याशियों की सक्रियता से साफ है कि यह चुनाव सिर्फ पद की नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं की ताकत, सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई बन गया है। अनुभव और युवा जोश की इस टक्कर ने कचहरी की गलियों में चुनावी सरगर्मी और तेज कर दी है, जिससे मुकाबला बेहद रोचक और सस्पेंस से भरपूर हो गया है।


