गेल डीएवी परिवार ने ‘वेद सप्ताह’ के अवसर पर औरैया के आनेपुर स्थित ‘माधव हैप्पी ओल्ड एज होम’ में एक प्रेरणादायी सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान विद्यालय परिवार ने वृद्धजनों के साथ समय बिताया, उनका मनोरंजन किया और आवश्यक उपयोगी वस्तुएं भेंट कीं। यह कार्यक्रम वेदों में निहित सेवा, दया और मानवीय मूल्यों को व्यवहार में उतारने का प्रयास था। विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रियंका गौर के निर्देशन में शिक्षकों ने इस वृद्ध आश्रम का भ्रमण किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों में सेवा-भाव विकसित करना तथा वेदों द्वारा प्रदत्त जीवन मूल्यों को आत्मसात करना था। यह उल्लेखनीय है कि विद्यालय परिवार ने अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए पूर्व में भी ऐसे सेवा-भ्रमण आयोजित किए हैं। पहले 2 तस्वीरें देखिए… भ्रमण के दौरान, शिक्षकों ने वृद्धजनों के साथ आत्मीयता से समय बिताया, उनके अनुभवों को सुना और उनसे जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों को ग्रहण किया। गीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से वृद्धजनों का मनोरंजन किया गया, जिससे आश्रम का वातावरण उल्लास और अपनत्व से भर गया। कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि विद्यालय की सभी कक्षाओं के छात्रों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। छात्रों ने खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक उपयोगी वस्तुएं एकत्र कीं, जिन्हें बाद में वृद्ध आश्रम को भेंट किया गया। यह सेवा-कार्य केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली नैतिक परंपरा का प्रतीक बन गया है। इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके प्रति सम्मान, संवेदना एवं सहानुभूति हमारे जीवन का अभिन्न अंग होनी चाहिए। विद्यालय परिवार का यह सतत प्रयास छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों और मानवीय मूल्यों को अपनाने की दिशा में मार्गदर्शन करता है।


