किशनगंज में डालमिया सीमेंट लगाएगी ग्राइंडिंग यूनिट:ठाकुरगंज में 550 करोड़ का निवेश, 30 लाख टन उत्पादन क्षमता

किशनगंज में डालमिया सीमेंट लगाएगी ग्राइंडिंग यूनिट:ठाकुरगंज में 550 करोड़ का निवेश, 30 लाख टन उत्पादन क्षमता

किशनगंज जिले के ठाकुरगंज क्षेत्र में जल्द ही एक मॉडर्न सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट का शुभारंभ होने जा रहा है। डालमिया सीमेंट (नॉर्थ ईस्ट) लिमिटेड ने गोथरा मौजा में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए TOR यानी पर्यावरण मंजूरी हेतु आवेदन कर दिया है। यह प्लांट न केवल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, बल्कि उत्तर-पूर्व भारत और पूर्वी भारत के तेजी से बढ़ते इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह प्रस्तावित ग्राइंडिंग यूनिट अत्यंत प्रभावशाली आंकड़ों के साथ आ रही है। इसकी उत्पादन क्षमता 3.0 मिलियन TPA यानी टन्स पर एनम जिसका मतलब है कि सालाना 30 लाख टन सीमेंट उत्पादन है। इसमें 550 करोड़ की एक बड़ी पूंजी का निवेश होगा जो स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। 53.36 एकड़ भूमि गोथरा मौजा में यह आधुनिक प्लांट स्थापित होगा। यह यूनिट क्लिंकर को पीसकर उच्च गुणवत्ता वाला सीमेंट तैयार करेगी, जो मुख्य रूप से पोर्टलैंड पोजोलाना सीमेंट यानी PPC, पोर्टलैंड स्लैग सीमेंट यानी PSC और अन्य पर्यावरण-अनुकूल वैरिएंट्स में उपलब्ध होगा। सर्विस सेक्टर को मिलेगा ज्यादा काम डालमिया भारत लिमिटेड भारत की चौथी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है, जिसकी वर्तमान कुल क्षमता लगभग 49-50 मिलियन TPA के आसपास पहुंच चुकी है। यह प्रोजेक्ट ठाकुरगंज और किशनगंज के लिए कई मायनों में वरदान साबित होगा। निर्माण चरण में सैकड़ों और परिचालन में दर्जनों स्थायी नौकरियां,स्थानीय परिवहन, सप्लायर्स, दुकानदारों और सर्विस सेक्टर को ज्यादा से ज्यादा काम मिलेगा। साथ ही कंपनी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से स्थानीय युवाओं को स्किल्ड जॉब्स भी मिलेंगे। ठाकुरगंज में डालमिया सीमेंट का यह नया प्लांट सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक विकास, रोजगार और आधुनिक भारत के निर्माण की नई कहानी का प्रतीक बनेगा। ₹550 करोड़ का यह निवेश न केवल कंपनी के लिए, बल्कि किशनगंज जिले और पूरे उत्तर-पूर्व के लिए मजबूत नींव साबित होगा। किशनगंज जिले के ठाकुरगंज क्षेत्र में जल्द ही एक मॉडर्न सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट का शुभारंभ होने जा रहा है। डालमिया सीमेंट (नॉर्थ ईस्ट) लिमिटेड ने गोथरा मौजा में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए TOR यानी पर्यावरण मंजूरी हेतु आवेदन कर दिया है। यह प्लांट न केवल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा, बल्कि उत्तर-पूर्व भारत और पूर्वी भारत के तेजी से बढ़ते इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह प्रस्तावित ग्राइंडिंग यूनिट अत्यंत प्रभावशाली आंकड़ों के साथ आ रही है। इसकी उत्पादन क्षमता 3.0 मिलियन TPA यानी टन्स पर एनम जिसका मतलब है कि सालाना 30 लाख टन सीमेंट उत्पादन है। इसमें 550 करोड़ की एक बड़ी पूंजी का निवेश होगा जो स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। 53.36 एकड़ भूमि गोथरा मौजा में यह आधुनिक प्लांट स्थापित होगा। यह यूनिट क्लिंकर को पीसकर उच्च गुणवत्ता वाला सीमेंट तैयार करेगी, जो मुख्य रूप से पोर्टलैंड पोजोलाना सीमेंट यानी PPC, पोर्टलैंड स्लैग सीमेंट यानी PSC और अन्य पर्यावरण-अनुकूल वैरिएंट्स में उपलब्ध होगा। सर्विस सेक्टर को मिलेगा ज्यादा काम डालमिया भारत लिमिटेड भारत की चौथी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है, जिसकी वर्तमान कुल क्षमता लगभग 49-50 मिलियन TPA के आसपास पहुंच चुकी है। यह प्रोजेक्ट ठाकुरगंज और किशनगंज के लिए कई मायनों में वरदान साबित होगा। निर्माण चरण में सैकड़ों और परिचालन में दर्जनों स्थायी नौकरियां,स्थानीय परिवहन, सप्लायर्स, दुकानदारों और सर्विस सेक्टर को ज्यादा से ज्यादा काम मिलेगा। साथ ही कंपनी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से स्थानीय युवाओं को स्किल्ड जॉब्स भी मिलेंगे। ठाकुरगंज में डालमिया सीमेंट का यह नया प्लांट सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक विकास, रोजगार और आधुनिक भारत के निर्माण की नई कहानी का प्रतीक बनेगा। ₹550 करोड़ का यह निवेश न केवल कंपनी के लिए, बल्कि किशनगंज जिले और पूरे उत्तर-पूर्व के लिए मजबूत नींव साबित होगा।  

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