प्रतापगढ़ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पर वाहनों के टेंडर में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है। इस मामले की शिकायत उप मुख्यमंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री से की गई है। जिलाधिकारी ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कराने का आश्वासन दिया है। अष्टभुजा नगर निवासी प्रवीन कुमार सिंह ने उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और जनपद के प्रभारी मंत्री दया शंकर सिंह से मिलकर सीएमओ पर टेंडर में अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि मुख्य चिकित्साधिकारी ने जेम पोर्टल पर 59 किराये के वाहनों के लिए दो नई शर्तें लगाई हैं, जिनका उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाना है। पहली शर्त यह है कि निविदादाता फर्म के नाम पर कम से कम 06 वाहन पंजीकृत होने चाहिए। दूसरी शर्त के अनुसार, निविदा दाता फर्म का पंजीयन आरटीओ में होना आवश्यक है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व में निकाली गई निविदा में फर्म के नाम पर 05 प्रतिशत (03) वाहनों का पंजीयन आवश्यक था, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत (06) कर दिया गया है। प्रवीन कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के किसी अन्य जनपद में मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जेम की निविदा में ऐसी नई शर्तें नहीं लगाई गई हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि सीएमओ ने किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए ये नियम और शर्तें जोड़ी हैं। शिकायत के बाद उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने डीजी हेल्थ से फोन पर बात कर मामले में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जनपद के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह ने जिलाधिकारी से शासन की गाइडलाइन के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में इसी मामले में अधिवक्ता यशस्वी शुक्ला ने भी जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से शिकायत की थी।


