महाराष्ट्र निकाय चुनाव- आज थमेगा प्रचार, वोटिंग 15 जनवरी को:29 नगर निगम, 15000 उम्मीदवार मैदान में; शिंदे बोले- मराठी मानुष की दुर्दशा के जिम्मेदार उद्धव

महाराष्ट्र निकाय चुनाव- आज थमेगा प्रचार, वोटिंग 15 जनवरी को:29 नगर निगम, 15000 उम्मीदवार मैदान में; शिंदे बोले- मराठी मानुष की दुर्दशा के जिम्मेदार उद्धव

महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को वोटिंग होनी है। चुनाव में 15 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं। अकेले BMC में कुल 227 वार्ड हैं, जहां 1700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वोटिंग का रिजल्ट 16 जनवरी को आएगा। इधर, चुनाव प्रचार खत्म होने से एक दिन पहले यानी सोमवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (UBT) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्हें मराठी मानुष की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया। शिंदे ने पूछा कि पिछले 25 सालों में जब BMC में उनकी सत्ता थी, तब उन्होंने क्या किया। गौरतलब है कि दो गुटों में बंटने से पहले शिवसेना ने 1997 से 2022 तक BMC को नियंत्रित किया। उद्धव और राज ठाकरे, जो 20 साल की दूरी के बाद नागरिक चुनावों के लिए एक साथ आए हैं, ने मराठी अस्मिता (गौरव) को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया है। मुंबई में 32 सीटों पर BJP-शिंदे सेना और ठाकरे सेना-MNS के बीच सीधा मुकाबला मुंबई नगर निकाय की 227 सीटों में से 32 सीटों पर BJP-शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (UBT)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच सीधा मुकाबला होगा। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि कांग्रेस-बहुजन वंचित अघाड़ी (VBA) गठबंधन ने इन सीटों पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। कांग्रेस ने अब तक मुंबई में 143 उम्मीदवारों की घोषणा की है। VBA के 46 सीटों पर चुनाव लड़ने और वामपंथी दलों और राष्ट्रीय समाज पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई है। यानी कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 195 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इससे 32 सीटें बिना तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार के रह जाती हैं, जिससे वोटों का बंटवारा नहीं होगा। BMC चुनाव क्यों है साख का सवाल ————- ये खबर भी पढ़ें… राज ठाकरे बोले- यूपी-बिहार वाले महाराष्ट्र में हिंदी न थोपें, वरना लात मारूंगा मनसे चीफ राज ठाकरे ने BMC चुनाव प्रचार के दौरान रविवार को मुंबई में जनसभा की। इस दौरान उन्होंने मराठी एकता का आह्वान किया और कहा कि राज्य की भाषा, जमीन और पहचान पर खतरा है। राज बोले- उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों को महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मुझे किसी भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर इसे थोपने की कोशिश करोगे तो मैं आपको लात मारूंगा। पढ़ें पूरी खबर…

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