ट्रेनिंग के बाद भी शिक्षक नहीं कर पा रहे इस्तेमाल, शिक्षा विभाग ने कहा-समस्या जल्द दूर कर दी जाएगी
स्कूलों में छात्रों के हाजिरी, मिड डे मिल, स्कूल में पढ़ाई सहित अन्य काम के लिए टैब दिए गए है। लेकिन, लगभग 20 हजार टैब चले ही नहीं या काम ही नहीं कर रहे है। इसकी वजह से अभी तक स्कूलों में मैन्युअली अटेंडेंस, मिड डे मिल का रजिस्टर पर रिकार्ड सहित अन्य काम हो रहा है। टैब नहीं चलने की वजह नेटवर्किंग में दिक्कत, इंटरनेट में परेशानी, तकनीकी दिक्कत, शिक्षकों को टैब चलाने में परेशानी सहित अन्य काम है। टैब चलाने के लिए प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई है। ये ट्रेनिंग आईटी एजेंसी के माध्यम से दी गई थी। इसमें टैब के संचालन, वीडियो और फोटो बनाने के साथ ही छात्रों की हाजिरी, वीडियो कैसे बनाया जाए, इसके बारे में बताया गया था। लेकिन ट्रेनिंग के बाद भी कई स्कूलों में संबंधित शिक्षक टैब नहीं चला पा रहे है। हालाकि, वे टैब ऑन कर ले रहे है। लेकिन लोडिंग, ऑनलाइन करने, वीडियो बनाने में परेशानी हो रही है। सरकारी स्कूलों में 1.61 लाख टैब बंटे बिहार के सरकारी स्कूलों में दिसंबर से ऑनलाइन हाजिरी बनाने की योजना शुरु की गई। इसके लिए स्कूलों मं 1.61 लाख टैब दिए गए है। इसमें प्रत्येक स्कूल में 2-2 टैब दिए गए है। इसके साथ ही प्रखंड और जिला मुख्यालय में भी टैब की व्यवस्था की गई है। टैब का लिंक शिक्षा विभाग के मुख्यालय से जोड़ा गया है। स्कूलों में टैब के माध्यम से ही सभी गतिविधियों का रिकार्ड करना आवश्यकता है। जहां परेशानी है वहां तकनीकी जानकार से मदद ली जा रही है। जल्द ही सभी समस्या दूर कर ली जाएगी। -सुनील कुमार, शिक्षा मंत्री फायदा क्या होता?स्कूलों में पढ़ाई, मिड डे मिल, छात्र और शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूल परिसर, प्रार्थना सहित अन्य गतिविधियों का रिकार्ड टैब के माध्यम से दर्ज करना है। पढ़ाई, मिड डे मिल सहित अन्य गतिविधियों को टैब से रिकार्ड करते समय उसका फोटो और सभी एंगल से वीडियो बनाना जरुरी है। रिकार्ड के बाद उसे ई शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जिसकी मॉनिटरिंग जिला से लेकर मुख्यालय स्तर पर होगी। ऐसे में जिस दिन रिकार्डिंग नहीं होगी, उसका कारण संबंधित अधिकारियों को बताना जरुरी है। वाजिब कारण नहीं होता है, तो उस दिन उपस्थिति नहीं होगी। जरूरत क्यों पड़ी?स्कूल में सभी काम मैन्युअल किया जाता था। रजिस्टर पर हाजिरी बनता था। मिड डे मिल, स्कूलों में पढ़ाई सहित अन्य गतिविधियों का रिकार्ड पेपर पर लिखा जाता था। ऐसे में कई स्कूलों में हाजिरी, मिड डे मिल का घोटाला हो रहा था। शिक्षक छात्रों की अधिक संख्या बताते थे। इसके साथ ही बगैर पढ़ाए ही शिक्षक और छात्रों की हाजिरी बनती थी। मिड डे मिल में भी छात्रों की संख्या अधिक दिखायी जाती थी। ऐसे में घोटाला को रोकने के लिए टैब का इस्तेमाल किया जाने लगा। ये ऑनलाइन प्रक्रिया शुरु हुई। इसमें स्कूल के प्रत्येक गतिविधियों का रिकार्ड मुख्यालय से देख सकेंगे। वह सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं ट्रेनिंग के बाद भी शिक्षक नहीं कर पा रहे इस्तेमाल, शिक्षा विभाग ने कहा-समस्या जल्द दूर कर दी जाएगी
स्कूलों में छात्रों के हाजिरी, मिड डे मिल, स्कूल में पढ़ाई सहित अन्य काम के लिए टैब दिए गए है। लेकिन, लगभग 20 हजार टैब चले ही नहीं या काम ही नहीं कर रहे है। इसकी वजह से अभी तक स्कूलों में मैन्युअली अटेंडेंस, मिड डे मिल का रजिस्टर पर रिकार्ड सहित अन्य काम हो रहा है। टैब नहीं चलने की वजह नेटवर्किंग में दिक्कत, इंटरनेट में परेशानी, तकनीकी दिक्कत, शिक्षकों को टैब चलाने में परेशानी सहित अन्य काम है। टैब चलाने के लिए प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई है। ये ट्रेनिंग आईटी एजेंसी के माध्यम से दी गई थी। इसमें टैब के संचालन, वीडियो और फोटो बनाने के साथ ही छात्रों की हाजिरी, वीडियो कैसे बनाया जाए, इसके बारे में बताया गया था। लेकिन ट्रेनिंग के बाद भी कई स्कूलों में संबंधित शिक्षक टैब नहीं चला पा रहे है। हालाकि, वे टैब ऑन कर ले रहे है। लेकिन लोडिंग, ऑनलाइन करने, वीडियो बनाने में परेशानी हो रही है। सरकारी स्कूलों में 1.61 लाख टैब बंटे बिहार के सरकारी स्कूलों में दिसंबर से ऑनलाइन हाजिरी बनाने की योजना शुरु की गई। इसके लिए स्कूलों मं 1.61 लाख टैब दिए गए है। इसमें प्रत्येक स्कूल में 2-2 टैब दिए गए है। इसके साथ ही प्रखंड और जिला मुख्यालय में भी टैब की व्यवस्था की गई है। टैब का लिंक शिक्षा विभाग के मुख्यालय से जोड़ा गया है। स्कूलों में टैब के माध्यम से ही सभी गतिविधियों का रिकार्ड करना आवश्यकता है। जहां परेशानी है वहां तकनीकी जानकार से मदद ली जा रही है। जल्द ही सभी समस्या दूर कर ली जाएगी। -सुनील कुमार, शिक्षा मंत्री फायदा क्या होता?स्कूलों में पढ़ाई, मिड डे मिल, छात्र और शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूल परिसर, प्रार्थना सहित अन्य गतिविधियों का रिकार्ड टैब के माध्यम से दर्ज करना है। पढ़ाई, मिड डे मिल सहित अन्य गतिविधियों को टैब से रिकार्ड करते समय उसका फोटो और सभी एंगल से वीडियो बनाना जरुरी है। रिकार्ड के बाद उसे ई शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जिसकी मॉनिटरिंग जिला से लेकर मुख्यालय स्तर पर होगी। ऐसे में जिस दिन रिकार्डिंग नहीं होगी, उसका कारण संबंधित अधिकारियों को बताना जरुरी है। वाजिब कारण नहीं होता है, तो उस दिन उपस्थिति नहीं होगी। जरूरत क्यों पड़ी?स्कूल में सभी काम मैन्युअल किया जाता था। रजिस्टर पर हाजिरी बनता था। मिड डे मिल, स्कूलों में पढ़ाई सहित अन्य गतिविधियों का रिकार्ड पेपर पर लिखा जाता था। ऐसे में कई स्कूलों में हाजिरी, मिड डे मिल का घोटाला हो रहा था। शिक्षक छात्रों की अधिक संख्या बताते थे। इसके साथ ही बगैर पढ़ाए ही शिक्षक और छात्रों की हाजिरी बनती थी। मिड डे मिल में भी छात्रों की संख्या अधिक दिखायी जाती थी। ऐसे में घोटाला को रोकने के लिए टैब का इस्तेमाल किया जाने लगा। ये ऑनलाइन प्रक्रिया शुरु हुई। इसमें स्कूल के प्रत्येक गतिविधियों का रिकार्ड मुख्यालय से देख सकेंगे। वह सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं


