दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र में दर्ज कांड संख्या 194/25 के फरार अभियुक्तों के घर पर पुलिस ने इश्तेहार चिपकाया है। यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 123, 238(a), 3(5) के तहत दर्ज मामले में की गई है। जिन अभियुक्तों के घर इश्तेहार चिपकाया गया है, उनमें विदेशी महतो (पिता स्व. नारायण महतो), श्याम महतो (पिता स्व. नारायण महतो), सुनैना देवी (पति स्व. नारायण महतो) और हिना देवी (पति भदई महतो) शामिल हैं। ये सभी कमतौल थाना क्षेत्र के निवासी हैं। यह पूरा मामला फूलो देवी की शिकायत से जुड़ा है, जो कमतौल वार्ड नंबर 7 की निवासी हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी ननद विभा कुमारी (18 वर्ष) घर पर अकेली रहती थी, जबकि उनके पति, देवर और ससुर प्रदेश में नौकरी करते हैं। फूलो देवी स्वयं गर्भवती होने के कारण अपने मायके गई हुई थीं। गर्भपात न होने पर महिला को सल्फास जहर देने का आरोप शिकायत के अनुसार, विभा कुमारी का घर के बगल के ही लड़के विदेशी कुमार महतो (पिता स्व. नारायण महतो) से प्रेम संबंध था, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई थीं। दिनांक 22 अगस्त 2025 को विदेशी कुमार महतो ने विभा को गर्भपात के लिए दवा दी, लेकिन गर्भपात नहीं हो सका। गर्भपात न होने पर, विदेशी कुमार महतो, श्याम महतो, सुनैना देवी, हेना देवी, सोनी देवी, छोटू कुमार महतो और अन्य ने मिलकर कथित तौर पर एक साजिश रची। 23 अगस्त 2025 को उन्होंने विभा कुमारी को 10 ग्राम सल्फास जहर का पाउच यह कहकर दिया कि इसे खाने से पेट का बच्चा साफ हो जाएगा। विभा कुमारी पढ़ी-लिखी नहीं होने के कारण जहर और दवा में अंतर नहीं समझ पाईं। जब विभा कुमारी ने इसे खाने से मना किया, तो सभी ने कथित तौर पर दबाव डालकर उन्हें जहर खिला दिया। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें टेकटार के एक डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी। इस दौरान गांव के पड़ोसियों और फूलो देवी के परिवार को इसकी सूचना दी गई। फूलो देवी अपने भाई निरंजन कुमार महतो के साथ टेकटार पहुंचीं, जहां उन्होंने अपनी ननद को अंतिम अवस्था में पाया। विभा कुमारी ने फूलो देवी को सारी घटना की जानकारी दी, जिसका फूलो देवी ने वीडियो भी बनाया। 23 अगस्त 2025 की सुबह 8 बजे विभा कुमारी की मृत्यु हो गई। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आनन-फानन में शव को जलाने का आरोप फूलो देवी ने अभियुक्तों से कहा कि उनके पति, देवर और ससुर के आने तक शव का अंतिम संस्कार न करें, लेकिन अभियुक्तों ने कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आनन-फानन में शव को जला दिया। फूलो देवी को धमकी भी दी गई कि यदि उन्होंने पुलिस को खबर की, तो उनकी और उनके पति की हत्या कर दी जाएगी। फूलो देवी ने बताया कि उनकी ननद ने उन्हें वॉट्सऐप पर कुछ वीडियो भेजे थे, जिनसे स्पष्ट होता है कि लड़की को 10 ग्राम सल्फास का पाउच दिया गया था। उन्होंने यह वीडियो साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की बात कही है। फूलो देवी ने विभा कुमारी और विदेशी कुमार महतो के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकालने से घटना की सत्यता सामने आने का दावा किया है। फूलो देवी का आरोप है कि सभी नामजद अभियुक्तों ने मिलकर उनकी ननद को झांसा देकर अवैध संबंध बनाए और फिर अवैध तरीके से जहर खिलाकर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि गरीबी के कारण उन्होंने सामाजिक पंचायत भी बुलाई थी, लेकिन अभियुक्तों ने पंचायत की बात नहीं मानी, जिसके बाद मजबूर होकर उन्होंने पुलिस में आवेदन दिया। दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र में दर्ज कांड संख्या 194/25 के फरार अभियुक्तों के घर पर पुलिस ने इश्तेहार चिपकाया है। यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 123, 238(a), 3(5) के तहत दर्ज मामले में की गई है। जिन अभियुक्तों के घर इश्तेहार चिपकाया गया है, उनमें विदेशी महतो (पिता स्व. नारायण महतो), श्याम महतो (पिता स्व. नारायण महतो), सुनैना देवी (पति स्व. नारायण महतो) और हिना देवी (पति भदई महतो) शामिल हैं। ये सभी कमतौल थाना क्षेत्र के निवासी हैं। यह पूरा मामला फूलो देवी की शिकायत से जुड़ा है, जो कमतौल वार्ड नंबर 7 की निवासी हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी ननद विभा कुमारी (18 वर्ष) घर पर अकेली रहती थी, जबकि उनके पति, देवर और ससुर प्रदेश में नौकरी करते हैं। फूलो देवी स्वयं गर्भवती होने के कारण अपने मायके गई हुई थीं। गर्भपात न होने पर महिला को सल्फास जहर देने का आरोप शिकायत के अनुसार, विभा कुमारी का घर के बगल के ही लड़के विदेशी कुमार महतो (पिता स्व. नारायण महतो) से प्रेम संबंध था, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई थीं। दिनांक 22 अगस्त 2025 को विदेशी कुमार महतो ने विभा को गर्भपात के लिए दवा दी, लेकिन गर्भपात नहीं हो सका। गर्भपात न होने पर, विदेशी कुमार महतो, श्याम महतो, सुनैना देवी, हेना देवी, सोनी देवी, छोटू कुमार महतो और अन्य ने मिलकर कथित तौर पर एक साजिश रची। 23 अगस्त 2025 को उन्होंने विभा कुमारी को 10 ग्राम सल्फास जहर का पाउच यह कहकर दिया कि इसे खाने से पेट का बच्चा साफ हो जाएगा। विभा कुमारी पढ़ी-लिखी नहीं होने के कारण जहर और दवा में अंतर नहीं समझ पाईं। जब विभा कुमारी ने इसे खाने से मना किया, तो सभी ने कथित तौर पर दबाव डालकर उन्हें जहर खिला दिया। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें टेकटार के एक डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी। इस दौरान गांव के पड़ोसियों और फूलो देवी के परिवार को इसकी सूचना दी गई। फूलो देवी अपने भाई निरंजन कुमार महतो के साथ टेकटार पहुंचीं, जहां उन्होंने अपनी ननद को अंतिम अवस्था में पाया। विभा कुमारी ने फूलो देवी को सारी घटना की जानकारी दी, जिसका फूलो देवी ने वीडियो भी बनाया। 23 अगस्त 2025 की सुबह 8 बजे विभा कुमारी की मृत्यु हो गई। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आनन-फानन में शव को जलाने का आरोप फूलो देवी ने अभियुक्तों से कहा कि उनके पति, देवर और ससुर के आने तक शव का अंतिम संस्कार न करें, लेकिन अभियुक्तों ने कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आनन-फानन में शव को जला दिया। फूलो देवी को धमकी भी दी गई कि यदि उन्होंने पुलिस को खबर की, तो उनकी और उनके पति की हत्या कर दी जाएगी। फूलो देवी ने बताया कि उनकी ननद ने उन्हें वॉट्सऐप पर कुछ वीडियो भेजे थे, जिनसे स्पष्ट होता है कि लड़की को 10 ग्राम सल्फास का पाउच दिया गया था। उन्होंने यह वीडियो साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की बात कही है। फूलो देवी ने विभा कुमारी और विदेशी कुमार महतो के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकालने से घटना की सत्यता सामने आने का दावा किया है। फूलो देवी का आरोप है कि सभी नामजद अभियुक्तों ने मिलकर उनकी ननद को झांसा देकर अवैध संबंध बनाए और फिर अवैध तरीके से जहर खिलाकर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि गरीबी के कारण उन्होंने सामाजिक पंचायत भी बुलाई थी, लेकिन अभियुक्तों ने पंचायत की बात नहीं मानी, जिसके बाद मजबूर होकर उन्होंने पुलिस में आवेदन दिया।


