फसलों का पड़ रहा पाले से पाला: रात और सुबह शून्य के नीचे तापमान, खेतों में जम रही ओस

फसलों का पड़ रहा पाले से पाला: रात और सुबह शून्य के नीचे तापमान, खेतों में जम रही ओस

जनवरी की शुरुआत से जारी कड़ाके की ठंड अपने चरम पर पहुंचने के बाद अब खेतों पर असर दिखाने लगी है। रात और सुबह पारे के शून्य से नीचे जाने से खेतों पर पाला जम रहा है। कई जगह सिंचाई का पानी भी बर्फ बनकर पौधों पर गिर रहा है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं। इस बार सरसों के भाव बढ़ने और जीरे के भावों में गिरावट आने के कारण किसानों ने सरसों की बिजाई अधिक की थी। लगातार सर्दी और पाले ने सरसों की फसल पर गंभीर असर डाला है। फलियों में बीज बनने की प्रक्रिया बाधित हो रही है।

फली में पानी जमने से बीज या तो बन नहीं रहे या छोटे और काले बन रहे हैं। इससे उत्पादन में गिरावट की आशंका बढ़ गई है। जीरे का भी यही हाल है। अगेती फसल पर पड़ा पाला पौधों की वृद्धि रोक रहा है। नमी की अधिकता और तापमान में तेज गिरावट से बाजार के अनुमान भी प्रभावित हो सकते हैं। फसल विशेषज्ञों के अनुसार पाला अगर कुछ और दिन रहा तो दोनों फसलों की पैदावार में भारी कमी संभव है। किसानों का कहना है कि ऐसी सर्दी क्षेत्र में कम ही देखने को मिलती है। खेतों में खड़ी फसलों को बचाने के उपाय सीमित हैं। बर्फीली सिंचाई, धुआं और रात में पानी छोड़ना जैसे पुराने तरीकों से कुछ राहत मिल सकती है, पर लगातार पाला पड़ना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *