बक्सर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के किसान प्रकोष्ठ ने केंद्र और बिहार सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। कार्यक्रम बक्सर के अम्बेडकर चौक पर आयोजित किया गया, जिसमें राजद के नेता, किसान और कार्यकर्ता शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बबलू यादव ने की। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। किसानों को अनाज का नहीं मिल रहा सही दाम धरने को संबोधित करते हुए बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों के कारण बक्सर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के किसान उत्पीड़न और उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में आए मोंथा चक्रवात से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे लगभग 30 से 40 प्रतिशत उपज प्रभावित हुई है। बाजार में 1800 रुपये प्रति क्विंटल धान का कोई खरीदार नहीं सांसद सिंह ने आगे कहा कि जो धान बचा है, वह खेतों और खलिहानों में पड़ा हुआ है क्योंकि किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में 1800 रुपये प्रति क्विंटल पर भी धान का कोई खरीदार नहीं है, जबकि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों से सरकारी एजेंसियां धान खरीद रही सुधाकर सिंह ने यह भी कहा कि सरकारी खरीद की व्यवस्था भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन किसानों से सरकारी एजेंसियां धान खरीद रही हैं, उनसे प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपये तक ‘सुविधा शुल्क’ वसूला जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अन्याय के खिलाफ राजद किसान प्रकोष्ठ पूरे बिहार में धरना प्रदर्शन कर रहा है ताकि सरकार किसानों की आवाज सुने और उनकी समस्याओं का समाधान करे। किसानों से एकजुट होकर मजबूती से लड़ने का आह्वान वहीं, धरने को संबोधित करते हुए राजद नेता ब्रिज बिहारी सिंह ने किसानों से एकजुट होकर अपनी लड़ाई मजबूती से लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना होगा। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना काल के दौरान जब उद्योग-धंधे और कंपनियां बंद थीं, तब देश की अर्थव्यवस्था को संभालने का काम किसानों ने ही किया था। इसके बावजूद सरकारें किसानों के साथ छल कर रही हैं। ब्रिज बिहारी सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारें बड़ी-बड़ी योजनाओं का सपना दिखाकर किसानों को गुमराह कर रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि यूरिया और खाद के वजन में कटौती कर दी गई है और उनकी कीमतें बढ़ा दी गई हैं। इससे किसान आर्थिक रूप से और अधिक कमजोर हो रहे हैं। धरना के माध्यम से राजद किसान प्रकोष्ठ ने सरकार से किसान हित में ठोस कदम उठाने और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। बक्सर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के किसान प्रकोष्ठ ने केंद्र और बिहार सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। कार्यक्रम बक्सर के अम्बेडकर चौक पर आयोजित किया गया, जिसमें राजद के नेता, किसान और कार्यकर्ता शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बबलू यादव ने की। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। किसानों को अनाज का नहीं मिल रहा सही दाम धरने को संबोधित करते हुए बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों के कारण बक्सर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के किसान उत्पीड़न और उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में आए मोंथा चक्रवात से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे लगभग 30 से 40 प्रतिशत उपज प्रभावित हुई है। बाजार में 1800 रुपये प्रति क्विंटल धान का कोई खरीदार नहीं सांसद सिंह ने आगे कहा कि जो धान बचा है, वह खेतों और खलिहानों में पड़ा हुआ है क्योंकि किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में 1800 रुपये प्रति क्विंटल पर भी धान का कोई खरीदार नहीं है, जबकि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों से सरकारी एजेंसियां धान खरीद रही सुधाकर सिंह ने यह भी कहा कि सरकारी खरीद की व्यवस्था भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन किसानों से सरकारी एजेंसियां धान खरीद रही हैं, उनसे प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपये तक ‘सुविधा शुल्क’ वसूला जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अन्याय के खिलाफ राजद किसान प्रकोष्ठ पूरे बिहार में धरना प्रदर्शन कर रहा है ताकि सरकार किसानों की आवाज सुने और उनकी समस्याओं का समाधान करे। किसानों से एकजुट होकर मजबूती से लड़ने का आह्वान वहीं, धरने को संबोधित करते हुए राजद नेता ब्रिज बिहारी सिंह ने किसानों से एकजुट होकर अपनी लड़ाई मजबूती से लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना होगा। उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना काल के दौरान जब उद्योग-धंधे और कंपनियां बंद थीं, तब देश की अर्थव्यवस्था को संभालने का काम किसानों ने ही किया था। इसके बावजूद सरकारें किसानों के साथ छल कर रही हैं। ब्रिज बिहारी सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारें बड़ी-बड़ी योजनाओं का सपना दिखाकर किसानों को गुमराह कर रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि यूरिया और खाद के वजन में कटौती कर दी गई है और उनकी कीमतें बढ़ा दी गई हैं। इससे किसान आर्थिक रूप से और अधिक कमजोर हो रहे हैं। धरना के माध्यम से राजद किसान प्रकोष्ठ ने सरकार से किसान हित में ठोस कदम उठाने और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।


