रामपुर में नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक सोमवार को भारी हंगामे के बीच शुरू हुई। बैठक के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभासदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हुई और कार्यवाही आगे बढ़ी। बैठक में करीब 20 करोड़ रुपये लागत के 45 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सभासद दल की नेता श्वेता शर्मा ने बताया कि शुरुआती हंगामे के बाद बैठक सुचारू रूप से चली। उन्होंने कहा कि कुल 43 वार्ड सभासदों में से 40 उपस्थित रहे। इनमें से 23 सभासदों की मौजूदगी में सभी 45 प्रस्ताव पारित किए गए। प्रस्तावों में सड़क निर्माण, नाली, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। विपक्ष का आरोप- विकास केवल कागजों में वहीं, विपक्षी खेमे के सभासद जफर अहमद ने बैठक की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए एक वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका में विकास केवल कागजों पर दिखाया जा रहा है, जबकि धरातल पर जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा। इसी को लेकर उन्होंने और अन्य विपक्षी सभासदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। नगर पालिका अध्यक्ष सना खान की ओर से बैठक को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। वहीं, नगर पालिका प्रशासन ने भी पारित प्रस्तावों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। बैठक में पारित प्रस्तावों और विपक्ष के आरोपों को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पारित प्रस्तावों पर कार्य कब और किस गति से शुरू होता है।


