मुंबई के बीएमसी चुनाव से महज तीन दिन पहले भाजपा और उद्धव-राज ठाकरे गठबंधन के बीच तनातनी बढ़ गई है। तमिलनाडु बीजेपी के दिग्गज नेता के. अन्नामलाई ने सोमवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह मुंबई जरूर आएंगे और धमकियां देने वाले उन्हें रोक कर दिखाएं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब रविवार को मुंबई में एक रैली के दौरान राज ठाकरे ने अन्नामलाई को ‘रसमलाई’ कहते हुए मजाक उड़ाया था और उनके मुंबई दौरे पर सवाल खड़े किए थे।
‘मैं किसान का बेटा हूं, धमकियों से नहीं डरता’
चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अन्नामलाई ने कहा, “मुझे धमकियां दी जा रही हैं कि अगर मैं मुंबई आया तो मेरे पैर काट दिए जाएंगे। मैं गर्व से कहता हूं कि मैं एक किसान का बेटा हूं। अगर मैं इन धमकियों से डरता तो अपने गांव में ही रहता। मैं मुंबई आऊंगा और हिम्मत है तो मेरे पैर काटकर दिखाओ।”
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा, “आदित्य ठाकरे और राज ठाकरे मुझे धमकी देने वाले कौन होते हैं? उन्होंने केवल मुझे गाली देने के लिए सभाएं आयोजित की। मुझे नहीं पता था कि मैं उनके लिए इतना महत्वपूर्ण हो गया हूं।”
‘ये लोग अज्ञानी हैं’
तमिलनाडु के पूर्व बीजेपी प्रमुख अन्नामलाई ने राज ठाकरे के उस बयान पर भी पलटवार किया जिसमें उन्होंने मुंबई को ‘अंतरराष्ट्रीय शहर’ कहने पर आपत्ति जताई थी। अन्नामलाई ने कहा, “अगर मैं कहता हूं कि कामराज भारत के महानतम नेताओं में से एक हैं, तो क्या इसका मतलब यह है कि वह अब तमिल नहीं रहे? अगर मैं कहता हूं कि मुंबई एक वर्ल्ड क्लास सिटी है, तो क्या इसका मतलब यह है कि मराठियों ने इसे नहीं बनाया? ये लोग बस नासमझी करते हैं।”
राज ठाकरे ने क्या कहा?
रविवार को मुंबई में उद्धव ठाकरे की शिवसेना और राज ठाकरे की मनसे ने संयुक्त रैली की। जिसमें राज ठाकरे ने अन्नामलाई पर निशाना साधते हुए कहा था कि तमिलनाडु से आए एक ‘रसमलाई’ को मुंबई और महाराष्ट्र से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अपने चाचा बाल ठाकरे के पुराने नारे ‘हटाओ लुंगी, बजाओ पुंगी’ का भी जिक्र किया था।
ठाकरे ने 1960 और 1970 के दशक के अपने चाचा बाल ठाकरे के नारे का भी जिक्र किया – ‘हटाओ लुंगी, बजाओ पुंगी।‘ बालासाहेब ने मुंबई में दक्षिण भारतीयों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान यह नारा दिया था।
फिर दिया हिंदी विरोधी बयान
इतना ही नहीं, राज ठाकरे ने हिंदी भाषी लोगों के बारे में भी विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, मुझे भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोग हिंदी थोपने की कोशिश करेंगे तो उन्हें महाराष्ट्र से लात मारकर बाहर निकाल दिया जाएगा।
मनसे प्रमुख ने मराठी भाषी लोगों से अपील करते हुए कहा, “वे चारों तरफ से महाराष्ट्र आ रहे हैं और आपका हिस्सा छीन रहे हैं। अगर जमीन और भाषा चली गई, तो आप खत्म हो जाएंगे।” बीएमसी चुनावों को मराठी मानुष के लिए आखिरी चुनाव बताते हुए ठाकरे ने कहा, “अगर आप यह मौका चूक गए, तो आप खत्म हो जाएंगे। मराठी और महाराष्ट्र के लिए एकजुट हो जाएं।”


