बागपत में जिला प्रशासन की सक्रियता के कारण मलकपुर चीनी मिल ने किसानों को 12 करोड़ 30 लाख रुपए का गन्ना मूल्य भुगतान किया है। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों को इससे राहत मिली है। गन्ना मूल्य भुगतान में विलंब को लेकर किसानों की शिकायतें लगातार प्रशासन के संज्ञान में आ रही थीं। गन्ना किसानों पर खेती की लागत, मजदूरी, परिवहन और पारिवारिक खर्चों का दबाव बढ़ रहा था। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी बागपत अस्मिता लाल ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया था। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने चीनी मिल स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की विस्तृत समीक्षा कराई। उन्होंने चीनी, शीरा, बगास और प्रेसमड जैसे उप-उत्पादों को किसानों के बकाया भुगतान से सीधे जोड़ते हुए शासन द्वारा जारी टैगिंग आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस निर्णय के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासन ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की। जिला गन्ना अधिकारी के माध्यम से चीनी मिल के स्टॉक, उसकी बिक्री और प्राप्त धनराशि पर लगातार नजर रखी गई। साप्ताहिक रिपोर्ट तलब कर भुगतान में देरी या टालमटोल न होने को सुनिश्चित किया गया। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि चीनी मिल के पास उपलब्ध संसाधनों पर पहला अधिकार गन्ना किसानों का है। भुगतान के बाद ही अन्य व्यावसायिक दायित्वों पर विचार किया जाएगा।


