Corporate NPS Scheme: रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) अब और आकर्षक हो गया है। नए बदलावों के बाद प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिलने वाला है। रिटायरमेंट पर ज्यादा रकम यानी कुल कॉर्पस का 80% एकमुश्त निकालने की सुविधा मिलेगी और पेंशन (एन्यूटी) में निवेश की अनिवार्यता भी 40% से कम करके 20% की गई है।
नए टैक्स रिजीम के तहत एनपीएस में निवेश पर टैक्स में कटौती सिर्फ नियोक्ता के योगदान पर उपलब्ध है। इससे ऑल-सिटीजन मॉडल के मुकाबले टैक्स सेविंग के लिए कॉरपोरेट एनपीएस ज्यादा फायदेमंद है। इसके बावजूद कॉरपोरेट एनपीएस सब्सक्राइबर की संख्या काफी कम है।
कॉरपोरेट एनपीएस क्या है?
कंपनियों की ओर से अपने कर्मचारियों को ऑफर किया एनपीएस कॉरपोरेट एनपीएस होता है। इसमें इच्छुक कर्मचारी अपने एम्प्लॉयर के माध्यम से निवेश कर सकते हैं। एम्प्लॉयर के योगदान पर कर्मचारियों को टैक्स डिडक्शन मिलता है। कर्मचारी अपना अलग से भी योगदान कर सकते हैं। अपने योगदान पर टैक्स छूट सिर्फ पुराने टैक्स सिस्टम में मिलती है। फीचर्स के मामले में यह ऑल सिटिजन मॉडल एनपीएस के जैसा ही है।
क्यों नहीं अपना रहे लोग?
देश की अधिकतर छोटी-मझोली कंपनियां अपने कर्मचारियों को एनपीएस की सुविधा नहीं देतीं है। इसलिए यह विकल्प कर्मचारियों के लिए सीमित है। कॉरपोरेट एनपीएस एक स्वैच्छिक योजना है।


