जमुई में ठंड से बचाव के दौरान बोरसी की आग हादसों का कारण बन रही है। सोमवार को खैरा प्रखंड में बोरसी की चिनगारी से साड़ी में आग लगने के कारण 55 वर्षीय मीना देवी गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद पटना रेफर किया गया है। परिजनों ने बताया कि खैरा निवासी मीना देवी ठंड से बचने के लिए घर में बोरसी जलाकर उसके पास बैठी थीं। इसी दौरान बोरसी से निकली एक चिंगारी उनकी साड़ी में जा लगी, जिससे आग तेजी से फैल गई। महिला के शोर मचाने पर घर के अन्य सदस्यों ने आग बुझाई और उन्हें तत्काल खैरा अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर पटना किया रेफर खैरा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल, जमुई रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में प्रारंभिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए मीना देवी को पटना रेफर किया गया है। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार ने ठंड के मौसम में अलाव या बोरसी का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खासकर वृद्धजनों और बच्चों को आग से सुरक्षित दूरी पर रखना चाहिए और ढीले कपड़ों में आग के पास बैठने से बचना चाहिए। एक माह में 12 लोग झुलसे बता दें कि जमुई जिले में बीते एक माह के भीतर ठंड से बचाव के दौरान 12 से अधिक लोग आग की चपेट में आकर झुलस चुके हैं। यह बढ़ती लापरवाही और जागरूकता की कमी को दर्शाता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सुरक्षित तरीकों से ठंड से बचाव करने की अपील की है। जमुई में ठंड से बचाव के दौरान बोरसी की आग हादसों का कारण बन रही है। सोमवार को खैरा प्रखंड में बोरसी की चिनगारी से साड़ी में आग लगने के कारण 55 वर्षीय मीना देवी गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद पटना रेफर किया गया है। परिजनों ने बताया कि खैरा निवासी मीना देवी ठंड से बचने के लिए घर में बोरसी जलाकर उसके पास बैठी थीं। इसी दौरान बोरसी से निकली एक चिंगारी उनकी साड़ी में जा लगी, जिससे आग तेजी से फैल गई। महिला के शोर मचाने पर घर के अन्य सदस्यों ने आग बुझाई और उन्हें तत्काल खैरा अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर पटना किया रेफर खैरा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल, जमुई रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में प्रारंभिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए मीना देवी को पटना रेफर किया गया है। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार ने ठंड के मौसम में अलाव या बोरसी का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खासकर वृद्धजनों और बच्चों को आग से सुरक्षित दूरी पर रखना चाहिए और ढीले कपड़ों में आग के पास बैठने से बचना चाहिए। एक माह में 12 लोग झुलसे बता दें कि जमुई जिले में बीते एक माह के भीतर ठंड से बचाव के दौरान 12 से अधिक लोग आग की चपेट में आकर झुलस चुके हैं। यह बढ़ती लापरवाही और जागरूकता की कमी को दर्शाता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सुरक्षित तरीकों से ठंड से बचाव करने की अपील की है।


