धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र की बगुला बस्ती में बीती रात एक 42 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सेवक कुमार बाउरी के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, घटना से पहले सेवक कुमार का अपने बेटे से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद वह घर से निकल गए और कुछ दूरी पर एक पेड़ से गमछे के सहारे लटक गए। रात के समय पास से गुजर रहे एक व्यक्ति ने सेवक कुमार को पेड़ से लटका देखा। उसने तुरंत परिजनों को इसकी सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें नीचे उतारकर बचाने का प्रयास किया। उन्हें सीपीआर भी दिया गया। तत्काल उन्हें एसएनएमएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे ने बताया कि पिता का फोन आया था, जिसमें उन्होंने घर लौटने की बात कही थी। घर आने के बाद पिता ने परिवार द्वारा ध्यान न रखने की बात कहकर नाराजगी जताई थी। बेटे के अनुसार, सेवक कुमार बाउरी ओझा-गुनी का काम करते थे और झरिया स्थित अपने मंदिर में झाड़-फूंक करते थे। वह प्रतिदिन शराब का सेवन करते थे, जिसके कारण अक्सर घर में विवाद होता था। पुलिस ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र की बगुला बस्ती में बीती रात एक 42 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सेवक कुमार बाउरी के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, घटना से पहले सेवक कुमार का अपने बेटे से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद वह घर से निकल गए और कुछ दूरी पर एक पेड़ से गमछे के सहारे लटक गए। रात के समय पास से गुजर रहे एक व्यक्ति ने सेवक कुमार को पेड़ से लटका देखा। उसने तुरंत परिजनों को इसकी सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें नीचे उतारकर बचाने का प्रयास किया। उन्हें सीपीआर भी दिया गया। तत्काल उन्हें एसएनएमएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे ने बताया कि पिता का फोन आया था, जिसमें उन्होंने घर लौटने की बात कही थी। घर आने के बाद पिता ने परिवार द्वारा ध्यान न रखने की बात कहकर नाराजगी जताई थी। बेटे के अनुसार, सेवक कुमार बाउरी ओझा-गुनी का काम करते थे और झरिया स्थित अपने मंदिर में झाड़-फूंक करते थे। वह प्रतिदिन शराब का सेवन करते थे, जिसके कारण अक्सर घर में विवाद होता था। पुलिस ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।


