सहरसा के स्थानीय विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता उर्फ आईपी गुप्ता ने नगर निगम के सफाई कर्मियों की बार-बार हो रही हड़ताल पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने भास्कर से बातचीत में कहा कि यह स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है और सफाई कर्मियों का दोहन दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक गुप्ता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में नगर आयुक्त से बात की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहरसा नगर निगम को भी अन्य समतुल्य नगर निगमों या जिलों के समान सफाई कर्मियों को मानदेय या वेतन का भुगतान करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मात्र सात से आठ हजार रुपए का मानदेय, वह भी समय पर न मिलना, गंभीर विफलता दर्शाता है। संगठित तरीके से हो रही ‘बड़ी लूट’ आईपी गुप्ता ने आरोप लगाया कि सहरसा नगर निगम में एक संगठित तरीके से ‘बड़ी लूट’ हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि इस कथित लूट के बावजूद नगर निगम अपने सफाई कर्मियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रहा है, तो यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक ने बताया कि उन्हें नगर निगम से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनका वे अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में वे इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल पर कर्मी गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सहरसा नगर निगम के सफाई कर्मी वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। चार दिनों तक चली यह हड़ताल नगर आयुक्त और डिप्टी मेयर के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुई थी। इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की व्यवस्था और कर्मचारियों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सहरसा के स्थानीय विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता उर्फ आईपी गुप्ता ने नगर निगम के सफाई कर्मियों की बार-बार हो रही हड़ताल पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने भास्कर से बातचीत में कहा कि यह स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है और सफाई कर्मियों का दोहन दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक गुप्ता ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में नगर आयुक्त से बात की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहरसा नगर निगम को भी अन्य समतुल्य नगर निगमों या जिलों के समान सफाई कर्मियों को मानदेय या वेतन का भुगतान करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मात्र सात से आठ हजार रुपए का मानदेय, वह भी समय पर न मिलना, गंभीर विफलता दर्शाता है। संगठित तरीके से हो रही ‘बड़ी लूट’ आईपी गुप्ता ने आरोप लगाया कि सहरसा नगर निगम में एक संगठित तरीके से ‘बड़ी लूट’ हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि इस कथित लूट के बावजूद नगर निगम अपने सफाई कर्मियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रहा है, तो यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक ने बताया कि उन्हें नगर निगम से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनका वे अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में वे इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल पर कर्मी गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सहरसा नगर निगम के सफाई कर्मी वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। चार दिनों तक चली यह हड़ताल नगर आयुक्त और डिप्टी मेयर के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हुई थी। इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की व्यवस्था और कर्मचारियों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।


