दमदमा निर्वाचन आयोग की ओर से जारी नोटिसों को लेकर दमदमा क्षेत्र के कई मतदाता परेशान हैं। इन मतदाताओं का रिकॉर्ड पूरी तरह सही है। वे साल 2003 की मतदाता सूची से भी जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद नोटिस भेजे हैं। कारण यह है कि फॉर्म भरते समय उन्होंने 2003 की सूची की जानकारी की जगह 2025 की डिटेल भर दी। अब नोटिस मिलने के बाद उन्हें पोलिंग बूथ पर जाकर दस्तावेज जमा कराने पड़ रहे हैं। वार्ड 52 के पोलिंग बूथ क्रमांक 213 पर इसको लेकर मतदाताओं और मौजूद टीम के बीच काफी देर तक बहस हुई। मतदाताओं का आरोप है कि फॉर्म भरते समय उन्हें न तो सही जानकारी दी गई, न ही 2003 की सूची से मिलान कराया गया। इसी कारण उन्होंने 2025 की सूची की जानकारी भर दी। सेवानिवृत्त सहायक उप संचालक कृषि बीके शर्मा ने बताया कि परिवार के सभी 7 सदस्यों को नोटिस भेजा गया। जब उन्होंने 2003 की सूची देखी, तो उनकी मेपिंग हो गई। तीन सदस्यों की मेपिंग करवा दी गई है। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान न तो 2003 की सूची दिखाई गई, न ही बीएलओ ने इसकी जानकारी दी। पड़ोस में रहने वाले रजनीश जैन भी नोटिस मिलने के बाद परेशान होते रहे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने बताया जब उन्हें पुराने मतदाताओं को नोटिस मिलने की जानकारी मिली, तो वे खुद 2003 की सूची लेकर पोलिंग बूथ पहुंचे। वहां पहुंचे 28 लोगों का रिकॉर्ड 2003 की सूची में मिल गया। इससे साफ है कि सर्वे के दौरान मतदाताओं को 2003 की सूची की जानकारी नहीं दी गई। ^ सर्वे में 2003 की सूची से ही मेपिंग कराई जाना थी। यह लोगों को भी पता था और मेपिंग हुई। – संदीप सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी


