दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) और मप्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के बीच हुए समझौते के तहत अब भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) लागू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दावा है कि भोपाल में अगले 4-5 हफ्ते और इंदौर में 7-8 हफ्तों में डिजिटल टिकटिंग सिस्टम शुरू हो जाएगा। भोपाल में इसकी शुरुआत सुभाष नगर से एम्स स्टेशन के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर से की जा रही है। इस रूट पर ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है, इसलिए एएफसी की शुरुआत भी यहीं से हो रही है। यहां काम पूरा करने के बाद डीएमआरसी यही काम इंदौर में पूरा करेगा। इससे पहले भोपाल-इंदौर मेट्रो का एएफसी सिस्टम तुर्किये की एक कंपनी को दिया गया था, लेकिन नाम सामने आने के बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद अब पूरा काम डीएमआरसी को सौंपा गया है। डीएमआरसी इस समय उपकरण खरीद, इंस्टॉलेशन प्लानिंग और वित्तीय अनुमोदन की प्रक्रिया में है। इंदौर-भोपाल मेट्रो का स्टेटस :इंदौर में करीब 5 किमी का प्रायोरिटी कॉरिडोर 5 स्टेशनों के साथ संचालित हो रहा है। इसके आगे के करीब 6 किमी हिस्से में 6 नए स्टेशन लगभग तैयार हैं। मेट्रो एमडी एस. कृष्णा चैतन्य के मुताबिक, इंदौर के अगले छह स्टेशनों के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) से अनुमोदन मिल चुका है। यानी तकनीक सुरक्षित है और ऑपरेशन के लायक है। अगले चरण में सीएमआरएस निरीक्षण का रास्ता साफ हो गया है। एक हफ्ते में दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। एएफसी से ये फायदा एएफसी यानी मेट्रो का पूरी तरह डिजिटल टिकटिंग और किराया वसूली सिस्टम है। इसमें नकद और पेपर टिकट पर निर्भरता कम होकर यात्रा स्मार्ट हो जाती है। इसमें क्यूआर कोड टिकटिंग, स्मार्ट कार्ड सिस्टम, ऑटोमेटिक गेट, टैप-इन/टैप-आउट, मोबाइल, यूपीआई और डिजिटल पेमेंट सपोर्ट, किराया ऑटो-कैलकुलेशन जैसी तकनीकी सुविधाएं होंगी।


