डुमरी|डुमरी के रजावल चर्च परिसर में रविवार को एक पावन एवं ऐतिहासिक अवसर पर डिकन नाबोर एक्का का विधिवत पुरोहित अभिषेक समारोह श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस विशेष समारोह के मुख्यानुष्ठाता जमशेदपुर धर्मप्रांत के बिशप तेलेस्फोर बिलुंग रहे, जिन्होंने मिस्सा पूजा सहित सभी धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए। पूरे चर्च परिसर में भजन, प्रार्थना और आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त रहा। मिस्सा के दौरान ईश्वर के वचन पर चिंतन करते हुए बिशप बिलुंग ने पुरोहिताई जीवन के महत्व, जिम्मेदारियों और त्याग पर प्रकाश डाला। मुख्य अभिषेक अनुष्ठान में बिशप बिलुंग तथा उपस्थित पुरोहितों ने डिकन नाबोर एक्का के हाथों पर पवित्र तेल का लेपन किया, जो सेवा और बलिदान का प्रतीक है। इसके पश्चात मस्तक चुंबन, हस्त चुंबन और अन्य परंपरागत विधियों के माध्यम से उन्हें पुरोहित सेवा के लिए समर्पित किया गया। अंत में शपथ ग्रहण के बाद उन्हें औपचारिक रूप से पुरोहित घोषित किया गया। इस अवसर पर बिशप बिलुंग ने कहा कि पुरोहिताई केवल एक पद नहीं, बल्कि सेवा, त्याग और प्रेम का जीवन है। उन्होंने कहा कि गरीबों, वंचितों, पीड़ितों और युवाओं के बीच सेवा ही सच्ची आध्यात्मिकता है। समारोह के अंत में श्रद्धालुओं ने नव अभिषिक्त फादर नाबोर एक्का को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में अनेक पुरोहित, धर्मबहनें तथा सैकड़ों धर्मावलंबी उपस्थित थे। डुमरी|डुमरी के रजावल चर्च परिसर में रविवार को एक पावन एवं ऐतिहासिक अवसर पर डिकन नाबोर एक्का का विधिवत पुरोहित अभिषेक समारोह श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस विशेष समारोह के मुख्यानुष्ठाता जमशेदपुर धर्मप्रांत के बिशप तेलेस्फोर बिलुंग रहे, जिन्होंने मिस्सा पूजा सहित सभी धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए। पूरे चर्च परिसर में भजन, प्रार्थना और आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त रहा। मिस्सा के दौरान ईश्वर के वचन पर चिंतन करते हुए बिशप बिलुंग ने पुरोहिताई जीवन के महत्व, जिम्मेदारियों और त्याग पर प्रकाश डाला। मुख्य अभिषेक अनुष्ठान में बिशप बिलुंग तथा उपस्थित पुरोहितों ने डिकन नाबोर एक्का के हाथों पर पवित्र तेल का लेपन किया, जो सेवा और बलिदान का प्रतीक है। इसके पश्चात मस्तक चुंबन, हस्त चुंबन और अन्य परंपरागत विधियों के माध्यम से उन्हें पुरोहित सेवा के लिए समर्पित किया गया। अंत में शपथ ग्रहण के बाद उन्हें औपचारिक रूप से पुरोहित घोषित किया गया। इस अवसर पर बिशप बिलुंग ने कहा कि पुरोहिताई केवल एक पद नहीं, बल्कि सेवा, त्याग और प्रेम का जीवन है। उन्होंने कहा कि गरीबों, वंचितों, पीड़ितों और युवाओं के बीच सेवा ही सच्ची आध्यात्मिकता है। समारोह के अंत में श्रद्धालुओं ने नव अभिषिक्त फादर नाबोर एक्का को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में अनेक पुरोहित, धर्मबहनें तथा सैकड़ों धर्मावलंबी उपस्थित थे।


