इंदौर में निकली चरण पादुका यात्रा, हेलिकॉप्टर से बरसाए फूल:हिंदू सम्मेलनों में नाचते-गाते, झूमते-थिरकते दिखे लोग; मंत्री विजयवर्गीय भी हुए शामिल

इंदौर में निकली चरण पादुका यात्रा, हेलिकॉप्टर से बरसाए फूल:हिंदू सम्मेलनों में नाचते-गाते, झूमते-थिरकते दिखे लोग; मंत्री विजयवर्गीय भी हुए शामिल

इंदौर महानगर का प्रत्येक बस्ती क्षेत्र रविवार को हिंदू सम्मेलन का साक्षी बना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत इन सम्मेलनों का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर कर हिस्सा लिया। दास हनुमान बगीची से शाम को निकली चरण पादुका यात्रा में जय सिया राम बाबा और हनुमानजी के जयघोष से माहौल गुंजायमान रहा। चरण पादुका यात्रा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित बड़ी संख्या में शामिल श्रद्धालु श्रद्धा भाव को नाचते-गाते, झूमते-थिरकते नजर आए। ढाई किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग पर 200 से अधिक स्थानों पर स्वागत मंच और तोरण द्वार लगाकर कहीं पुष्प वर्षा, कहीं फलाहार वितरण, कहीं प्रसाद वितरण के नजारे देखने को मिले। इस यात्रा ने पश्चिम क्षेत्र ही नहीं शहर में निकलने वाली धार्मिक यात्राओं के मामले में नया कीर्तिमान रच दिया। भजन मंडलियोंं ने प्रस्तुति दी
सुबह 10 बजे से ही बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। बच्चों ने भी अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दीं। अनेक स्थानों पर भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों को लोगों ने सराहा। दूधिया ग्राम में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित समाज जन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने कहा कि मां दुर्गा के आठों हाथों में शस्त्र हैं। चरणों के नीचे महिषासुर पड़ा हुआ है। यह घ्योतक है कि हमारी मातृ शक्ति प्रेम, दया व करुणा की मूर्ति तो है ही लेकिन आवश्यकता पड़ने पर वही चंडी, काली और दुर्गा का रूप रखकर देश, समाज एवं धर्म की रक्षा कर सकती है। धर्म का वास्तविक अर्थ व स्वरूप समझकर हमें अपने समक्ष खड़े कर्तव्यों का संपूर्ण मनोयोग से पालन करना होगा। सभी आयोजनों में संत समाज, मातृ शक्ति तथा संघ के वक्ता का उद्बोधन रहा। संत समाज की ओर से जहां अपनी संस्कृति से जुड़े रहने एवं समाज में एकत्व का महत्व बताया तो वहीं मातृ शक्ति से वक्ताओं ने पंच परिवर्तन को साकार करने एवं कुटुंब व्यवस्था को सशक्त करने की बात कही। कार्यक्रमों में उपस्थित समाज-जन भारत माता की आरती के पश्चात समरसता भोज में शामिल हुए। 251 हिंदू सम्मेलनों में महानगर के लगभग 12 लाख लोग परिवार सहित उपस्थित रहे। 18 जनवरी को शेष हिंदू सम्मेलनों का आयोजन रहेगा। 4 घंटे में पहुंची ढाई किलोमीटर चरण पादुका यात्रा
उधर चरण पादुका यात्रा में भक्तों का यह काफिला जैसे-जैसे बड़ा गणपति, टोरी कार्नर, लोहारपट्टी, कैलाश मार्ग, अंतिम चौराहा, पंचकुईया, भूतेश्वर महादेव तक पहुंचा, भक्तों की संख्या भी लगातार बढ़ती चली गई। बड़ा गणपति चौराहे पर पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल की ओर से हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। बाबा के प्रति भक्ति का इतना उत्साहपूर्ण माहौल रहा कि इस यात्रा को वापस दास बगीची पहुंचने में 4 घंटे से अधिक का समय लगा। यात्रा में शहर के प्रमुख धर्म स्थलों के संत, महंत, महामंडलेश्वर, सांसद शंकर लालवानी, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, महापौर प्रतिनिधि भरत पारख, किन्नर समाज की मंडली और गौशालाओं के प्रतिनिधियों सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने 50 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। कड़ाबीन की तोप से सलामी के साथ शुरू हुई इस यात्रा में अश्वारोही बालक, ऊंट, बैंड-बाजे, भजन मंडलियां, उज्जैन के महाकाल मंदिर की भस्म रमैया मंडली, गन्ना धारी महिलाऐं, 71 सदस्यों का हनुमत ढोल और मंत्रोच्चार करते 1 हजार से अधिक वेदपाठी ब्राह्मण, बाबा और हनुमानजी के जीवन चरित्र पर आधारित झांकियों सहित यह काफिला हर जगह श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बना रहा। बालिकाओं ने किया शस्त्र कला प्रदर्शन
दुर्गावाहिनी से जुड़ी बालिकाओं ने भी शस्त्र कला का प्रदर्शन किया। मार्ग में जगह-जगह प्रसाद वितरण, आतिशबाजी और भजन तथा गरबे के दृश्य भी देखने को मिले। वापस दास बगीची पहुंचने पर सभी भक्तों को अभिमंत्रित रक्षा कवच का वितरण भी किया गया। देर रात तक भंडारा भी चलता रहा। 14 से 20 जनवरी तक जय सियाराम बाबा की प्रतिमा का प्रकटोत्सव भी मनाया जाएगा। 13 जनवरी को रामरामायण मंडल का वार्षिकोत्सव भी मनेगा।

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