लखनऊ में सक्षम भारत पुरस्कार–2026 का आयोजन:विभिन्न क्षेत्रों के हुनरमंद प्रोफेशनल्स को सम्मान, महिला सशक्तिकरण पर चर्चा

लखनऊ में सक्षम भारत पुरस्कार–2026 का आयोजन:विभिन्न क्षेत्रों के हुनरमंद प्रोफेशनल्स को सम्मान, महिला सशक्तिकरण पर चर्चा

लखनऊ में लेट्स गिव होप फाउंडेशन ने सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने के लिए एक पहल की। गोमतीनगर स्थित संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में आयोजित एक समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रोफेशनल्स को सक्षम भारत पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। इस दौरान महिला सशक्तिकरण और आजीविका विकास पर केंद्रित एक विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। समारोह का शुभारंभ मानसी शर्मा और प्रियांशी की गणेश वंदना नृत्य प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष आशीष मौर्या ने संस्था की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन का मुख्य लक्ष्य प्रदेश भर में सक्षम स्किल सेंटर स्थापित कर मध्यम और निम्न वर्ग की महिलाओं व युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। महिला सशक्तिकरण पर चर्चा हुई कार्यशाला सत्र में जरी-जरदोजी व चिकनकारी विशेषज्ञ तोशानी, मेकअप आर्टिस्ट मंजरी जायसवाल, ग्राफिक व वीडियो एडिटर रितु पांडे, फोटोग्राफर शुभांगी मौर्य और शेफ अनिता शर्मा ने अपने अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने महिलाओं को अपने हुनर को पहचानकर उसे व्यवसाय में बदलने और घर से ही आत्मनिर्भर बनने के तरीकों पर मार्गदर्शन दिया। इस दौरान व्यावहारिक व्यवसायिक युक्तियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया सक्षम भारत पुरस्कार प्राप्त करने वालों में शिक्षाविद् मंजू सिन्हा, नेत्र रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. पूजा कानोडिया, कथक नृत्यांगना रतन सिस्टर्स (ईशा–मीशा रतन), अयोध्या की गायिका व गीतकार संजोली पांडे, स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. एकता चौधरी, सेवा निकेतन आश्रम ट्रस्ट की डॉ. आशा सिंह, व्यवसायी अर्चना मिश्रा, सार्वजनिक भाषण विशेषज्ञ कविता चौबे, कंपनी सेक्रेटरी व हस्तशिल्पी प्रीति शर्मा, शिक्षिका डॉ. आफिया बानो और सेल्फ डिफेंस ट्रेनर दीक्षा सैनी शामिल थीं। इनके अतिरिक्त, युवा और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाले कई अन्य प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने सक्रिय रूप से सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। अंत में संस्था की गतिविधियों पर आधारित एक वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का प्रदर्शन किया गया। यह आयोजन सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।

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