मधेपुरा में फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला कर्मी और फर्जी प्रमाण-पत्र जारी करने वाले स्कूल के तत्कालीन प्रधानाचार्य को अरेस्ट कर लिया है। यह कार्रवाई सिंहेश्वर विधायक व पूर्व मंत्री रमेश ऋषिदेव के आवेदन पर कराई गई जांच के बाद की गई है। पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गिरफ्तार महिला की पहचान कुमारखंड थाना क्षेत्र के रौता गोपालपुर निवासी गुड़िया कुमारी के रूप में हुई है, जो विकास मित्र के पद पर कार्यरत थी। वहीं दूसरे आरोपी रामचंद्र उच्च विद्यालय एवं इंटर कॉलेज, गोसाईं टोला, मधेपुरा के तत्कालीन प्रधानाचार्य अनंत कुमार हैं।
पुलिस ने गुड़िया कुमारी को गम्हरिया से जबकि अनंत कुमार को जयप्रकाश नगर से गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मंत्री ने डीएम को लेटर लिखकर की थी शिकायत दरअसल, बिहार महादलित विकास मिशन के पत्र के आलोक में 2 फरवरी 2024 को प्रकाशित मेधा सूची के आधार पर गुड़िया कुमारी का नियोजन विकास मित्र के पद पर कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत रौता पंचायत में किया गया था। इसके बाद 22 जुलाई 2025 को पूर्व मंत्री रमेश ऋषिदेव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि गुड़िया कुमारी ने गलत एवं फर्जी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है। DM ने गुड़िया कुमारी के मैट्रिक प्रमाण की जांच कराई शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर गुड़िया कुमारी के मैट्रिक प्रमाण-पत्र, अंक पत्र एवं संबंधित शैक्षणिक संस्थान की गहन जांच कराई गई। जांच की जिम्मेदारी गम्हरिया प्रखंड के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में बीपीआरओ ने 26 सितंबर 2025 को प्रतिवेदन सौंपते हुए बताया कि जिस पते से गुड़िया कुमारी के मैट्रिक उत्तीर्ण होने का दावा किया गया है, उस पते पर कोई भी शैक्षणिक संस्थान संचालित नहीं है। जांच के दौरान उस स्थान के मकान मालिक ने स्पष्ट रूप से बताया कि वहां कभी किसी स्कूल या शैक्षणिक संस्थान का संचालन नहीं हुआ है और वर्तमान में वहां एक जनरल स्टोर चल रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि भोला रामचंद्र उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज, गोसाईं टोला के तत्कालीन प्रधानाचार्य तथा भारतीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, मुखर्जी नगर, नई दिल्ली के अध्यक्ष एवं सचिव की भूमिका संदिग्ध है। FIR दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपी फरार जांच में गुड़िया कुमारी का वर्ष 2019 में जारी मैट्रिक अंक पत्र एवं मूल प्रमाण-पत्र फर्जी और अवैध पाया गया।पूरी जांच के बाद प्रभारी अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार के आवेदन पर 4 अक्टूबर 2025 को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार ने बताया कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मधेपुरा में फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला कर्मी और फर्जी प्रमाण-पत्र जारी करने वाले स्कूल के तत्कालीन प्रधानाचार्य को अरेस्ट कर लिया है। यह कार्रवाई सिंहेश्वर विधायक व पूर्व मंत्री रमेश ऋषिदेव के आवेदन पर कराई गई जांच के बाद की गई है। पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गिरफ्तार महिला की पहचान कुमारखंड थाना क्षेत्र के रौता गोपालपुर निवासी गुड़िया कुमारी के रूप में हुई है, जो विकास मित्र के पद पर कार्यरत थी। वहीं दूसरे आरोपी रामचंद्र उच्च विद्यालय एवं इंटर कॉलेज, गोसाईं टोला, मधेपुरा के तत्कालीन प्रधानाचार्य अनंत कुमार हैं।
पुलिस ने गुड़िया कुमारी को गम्हरिया से जबकि अनंत कुमार को जयप्रकाश नगर से गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मंत्री ने डीएम को लेटर लिखकर की थी शिकायत दरअसल, बिहार महादलित विकास मिशन के पत्र के आलोक में 2 फरवरी 2024 को प्रकाशित मेधा सूची के आधार पर गुड़िया कुमारी का नियोजन विकास मित्र के पद पर कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत रौता पंचायत में किया गया था। इसके बाद 22 जुलाई 2025 को पूर्व मंत्री रमेश ऋषिदेव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि गुड़िया कुमारी ने गलत एवं फर्जी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है। DM ने गुड़िया कुमारी के मैट्रिक प्रमाण की जांच कराई शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर गुड़िया कुमारी के मैट्रिक प्रमाण-पत्र, अंक पत्र एवं संबंधित शैक्षणिक संस्थान की गहन जांच कराई गई। जांच की जिम्मेदारी गम्हरिया प्रखंड के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में बीपीआरओ ने 26 सितंबर 2025 को प्रतिवेदन सौंपते हुए बताया कि जिस पते से गुड़िया कुमारी के मैट्रिक उत्तीर्ण होने का दावा किया गया है, उस पते पर कोई भी शैक्षणिक संस्थान संचालित नहीं है। जांच के दौरान उस स्थान के मकान मालिक ने स्पष्ट रूप से बताया कि वहां कभी किसी स्कूल या शैक्षणिक संस्थान का संचालन नहीं हुआ है और वर्तमान में वहां एक जनरल स्टोर चल रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि भोला रामचंद्र उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज, गोसाईं टोला के तत्कालीन प्रधानाचार्य तथा भारतीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, मुखर्जी नगर, नई दिल्ली के अध्यक्ष एवं सचिव की भूमिका संदिग्ध है। FIR दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपी फरार जांच में गुड़िया कुमारी का वर्ष 2019 में जारी मैट्रिक अंक पत्र एवं मूल प्रमाण-पत्र फर्जी और अवैध पाया गया।पूरी जांच के बाद प्रभारी अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार के आवेदन पर 4 अक्टूबर 2025 को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार ने बताया कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


