Mumbai BMC चुनाव: भाजपा के घोषणापत्र में वादों की बौछार, BEST बसों का किराया होगा आधा

Mumbai BMC चुनाव: भाजपा के घोषणापत्र में वादों की बौछार, BEST बसों का किराया होगा आधा
हलचल भरे राजनीतिक माहौल के बीच महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार रविवार को देवेंद्र फडणवीस ने पिंपरी-चिंचवड़ के भोसरी इलाके में रोड शो किया। इससे पहले मुंबई में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने आगामी बीएमसी चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है।
बता दें कि 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनाव के लिए जारी इस घोषणापत्र में कई अहम वादे किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं की पहचान और निर्वासन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उनके मुताबिक छह महीने के भीतर यह एआई टूल तैयार हो जाएगा, जिससे अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि फडणवीस ने यह भी कहा कि मुंबई को अवैध घुसपैठ से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है और अब तक सबसे अधिक अवैध प्रवासियों की पहचान महाराष्ट्र में ही की गई है। हालांकि इस दावे पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। पार्टी प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा है कि यदि सरकार का दावा सही है तो उसे इससे जुड़ा पूरा आंकड़ा सार्वजनिक करना चाहिए।
मौजूद जानकारी के अनुसार घोषणापत्र में सार्वजनिक परिवहन को लेकर भी बड़े ऐलान किए गए हैं। महायुति गठबंधन ने BEST बसों की संख्या करीब 5,000 से बढ़ाकर 10,000 करने, चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने और महिला यात्रियों को किराए में 50 प्रतिशत की छूट देने का वादा किया है।
इस बीच राज्य में 15 जनवरी को मतदान को देखते हुए सरकार ने उस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। चुनाव आयोग के अनुसार 29 नगर निगमों में एक साथ मतदान होगा, जिसमें बीएमसी की 227 वार्डों के लिए करीब 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा, जबकि नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।
राजनीतिक गतिविधियां केवल मुंबई तक सीमित नहीं हैं। गौरतलब है कि ठाकरे परिवार के चचेरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे, जो करीब 20 साल बाद एक साथ आए हैं, उन्होंने नासिक में संयुक्त रैली की है और सोमवार को एक और रैली प्रस्तावित है।
इसी बीच गठबंधन के भीतर बयानबाजी को लेकर भी तनाव के संकेत मिले हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि सहयोगी दलों को एक-दूसरे पर सार्वजनिक रूप से बयान देने से बचना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वह संयम रखते हैं और उचित समय पर जवाब देंगे।
कुल मिलाकर मतदान से पहले का यह आखिरी रविवार महाराष्ट्र की राजनीति में खासा सक्रिय नजर आ रहा है, जहां सभी प्रमुख दल अंतिम दौर की रणनीति, रैलियों और आरोप-प्रत्यारोप के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

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