महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बचाने और केंद्र सरकार की कथित अनदेखी के विरोध में बेगूसराय जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यालय स्थित स्वर्ण जयंती पुस्तकालय परिसर में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास रखा। उपवास कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष अभय कुमार सिंह सार्जन ने केंद्र सरकार से मनरेगा को पूरी मजबूती के साथ लागू करने और समय पर मजदूरी भुगतान करने की मांग की। केंद्र सरकार मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना के बजट में कटौती कर रही मौके पर उपस्थित नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना के बजट में कटौती कर रही है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पर संकट गहराता जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा है और इसके माध्यम से लाखों परिवारों को रोजगार मिलता है। यदि इस योजना को कमजोर किया गया तो गांवों में बेरोजगारी और पलायन की समस्या और बढ़ेगी। मोदी सरकार ने न केवल मनरेगा का नाम बदल दिया है, बल्कि इसमें दिए गए रोजगार के अधिकारों में भी कटौती कर रही है। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मनरेगा को बचाने का संकल्प लिया। इस मौके पर रामविलास सिंह, सुबोध कुमार, मुरलीधर मुरारी, सुबोध प्रसाद सिंह, मुकेश कुमार गुड्डू, सुनील सिंह, राजेंद्र पासवान, ब्रजेश कुमार प्रिंस, रामानुज कुंवर, राकेश कुमार, नाज हसन, श्रीराम सिंह, विपिन सिंह, रामजपन सिंह, रणजीत कुमार मुखिया और विक्रम कुमार सहित जिले भर के प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बचाने और केंद्र सरकार की कथित अनदेखी के विरोध में बेगूसराय जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यालय स्थित स्वर्ण जयंती पुस्तकालय परिसर में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास रखा। उपवास कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष अभय कुमार सिंह सार्जन ने केंद्र सरकार से मनरेगा को पूरी मजबूती के साथ लागू करने और समय पर मजदूरी भुगतान करने की मांग की। केंद्र सरकार मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना के बजट में कटौती कर रही मौके पर उपस्थित नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना के बजट में कटौती कर रही है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पर संकट गहराता जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा है और इसके माध्यम से लाखों परिवारों को रोजगार मिलता है। यदि इस योजना को कमजोर किया गया तो गांवों में बेरोजगारी और पलायन की समस्या और बढ़ेगी। मोदी सरकार ने न केवल मनरेगा का नाम बदल दिया है, बल्कि इसमें दिए गए रोजगार के अधिकारों में भी कटौती कर रही है। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मनरेगा को बचाने का संकल्प लिया। इस मौके पर रामविलास सिंह, सुबोध कुमार, मुरलीधर मुरारी, सुबोध प्रसाद सिंह, मुकेश कुमार गुड्डू, सुनील सिंह, राजेंद्र पासवान, ब्रजेश कुमार प्रिंस, रामानुज कुंवर, राकेश कुमार, नाज हसन, श्रीराम सिंह, विपिन सिंह, रामजपन सिंह, रणजीत कुमार मुखिया और विक्रम कुमार सहित जिले भर के प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित थे।


