गिरिडीह पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। बेंगाबाद थाना क्षेत्र के महदैया और शहरपुरा गांव के आसपास सक्रिय एक साइबर ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी मोबाइल फोन के जरिए आम लोगों को झांसे में लेकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है। प्रतिबिम्ब पोर्टल से मिली थी अहम सूचना पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार को प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से सूचना मिली थी कि बेंगाबाद थाना क्षेत्र में साइबर अपराधी सक्रिय हैं, जो फोन कॉल और मैसेज के जरिए लोगों से पैसे ठग रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) आबिद खॉ के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। आरटीओ चालान और फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी गठित छापामारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महदैया गांव में छापा मारा और दो साइबर अपराधियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे लोगों को आरटीओ चालान और श्रीराम फाइनेंस के नाम पर APK फाइल भेजते थे। इसके बाद फर्जी चालान या ईएमआई बकाया होने का डर दिखाकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करा लेते थे। इस तरीके से उन्होंने कई लोगों को अपना शिकार बनाया। पूर्व आपराधिक इतिहास भी आया सामने इस मामले में साइबर थाना गिरिडीह में कांड संख्या 01/2026, दिनांक 10 जनवरी 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंकज कुमार मंडल (28 वर्ष) और राजेंद्र कुमार उर्फ राजू अंसारी (25 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों महदैया गांव, थाना बेंगाबाद, जिला गिरिडीह के निवासी हैं। जांच में सामने आया है कि पंकज कुमार मंडल का पूर्व आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुका है। वहीं, राजेंद्र कुमार के मोबाइल नंबर पर छत्तीसगढ़ के रायपुर थाना में ऑनलाइन शिकायत दर्ज पाई गई है। मोबाइल और सिम कार्ड जब्त, जनता से अपील पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी की वारदातों में किया जा रहा था। छापामारी दल में साइबर थाना प्रभारी समेत कई पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। गिरिडीह पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या APK फाइल पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें। गिरिडीह पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। बेंगाबाद थाना क्षेत्र के महदैया और शहरपुरा गांव के आसपास सक्रिय एक साइबर ठगी गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी मोबाइल फोन के जरिए आम लोगों को झांसे में लेकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है। प्रतिबिम्ब पोर्टल से मिली थी अहम सूचना पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार को प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से सूचना मिली थी कि बेंगाबाद थाना क्षेत्र में साइबर अपराधी सक्रिय हैं, जो फोन कॉल और मैसेज के जरिए लोगों से पैसे ठग रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) आबिद खॉ के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। आरटीओ चालान और फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी गठित छापामारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महदैया गांव में छापा मारा और दो साइबर अपराधियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे लोगों को आरटीओ चालान और श्रीराम फाइनेंस के नाम पर APK फाइल भेजते थे। इसके बाद फर्जी चालान या ईएमआई बकाया होने का डर दिखाकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करा लेते थे। इस तरीके से उन्होंने कई लोगों को अपना शिकार बनाया। पूर्व आपराधिक इतिहास भी आया सामने इस मामले में साइबर थाना गिरिडीह में कांड संख्या 01/2026, दिनांक 10 जनवरी 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंकज कुमार मंडल (28 वर्ष) और राजेंद्र कुमार उर्फ राजू अंसारी (25 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों महदैया गांव, थाना बेंगाबाद, जिला गिरिडीह के निवासी हैं। जांच में सामने आया है कि पंकज कुमार मंडल का पूर्व आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुका है। वहीं, राजेंद्र कुमार के मोबाइल नंबर पर छत्तीसगढ़ के रायपुर थाना में ऑनलाइन शिकायत दर्ज पाई गई है। मोबाइल और सिम कार्ड जब्त, जनता से अपील पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी की वारदातों में किया जा रहा था। छापामारी दल में साइबर थाना प्रभारी समेत कई पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। गिरिडीह पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या APK फाइल पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।


