देवरिया शहर के गोरखपुर रोड पर स्थित अब्दुल शाह गनी मजार परिसर को रविवार को खाली करा लिया गया। जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई की है। इसे मजार के संभावित ध्वस्तीकरण की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने मजार से जुड़े लोगों को रविवार दोपहर 12 बजे तक परिसर से सभी सामान हटाने का निर्देश दिया था। निर्धारित समय-सीमा के भीतर मजार से संबंधित लोगों ने ई-रिक्शा और अन्य छोटे वाहनों से सामान हटा लिया। इस दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और गहमागहमी का माहौल बना रहा। प्रशासन के अनुसार, यह मजार विनियमित क्षेत्र और हरित क्षेत्र की भूमि पर निर्मित है। ऐसे क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के धार्मिक या अन्य निर्माण की अनुमति नहीं है। प्रारंभिक जांच में मजार को पूरी तरह अवैध पाया गया है, जिसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अब्दुल शाह गनी मजार का यह मामला कई वर्षों से चर्चा में है। वर्ष 2019 में इस अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से यह मामला प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रियाओं में उलझा रहा। नियत प्राधिकारी (एसडीएम सदर) की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें मजार पक्ष और शिकायतकर्ताओं ने अपनी दलीलें पेश कीं। हाल ही में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था।


