बक्सर जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एक विशेष अभियान के तहत खनन विभाग की टीम ने नावानगर थाना क्षेत्र में औचक छापेमारी कर अवैध रूप से मिट्टी का खनन और परिवहन कर रहे एक हाईवा को जब्त किया। इस मामले में संबंधित वाहन के विरुद्ध नावानगर थाने में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई है। जिला सूचना पदाधिकारी के अनुसार, जांच में पता चला कि जब्त किया गया हाईवा बिना किसी वैध लाइसेंस और ई-चालान के मिट्टी का अवैध खनन और परिवहन कर रहा था। यह कृत्य खनन अधिनियम और खनन नियमावली का सीधा उल्लंघन है। नियमों के इस गंभीर उल्लंघन पर खनन विभाग ने वाहन मालिक और चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। ₹8 लाख का शमन शुल्क लगाया गया
नियमानुसार, दोषी पाए गए वाहन पर ₹8 लाख का शमन शुल्क लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, अवैध रूप से निकाली गई मिट्टी पर देय रॉयल्टी का 25 गुना दंड भी अधिरोपित किया गया है। प्रशासन ने बताया कि इस कठोर कार्रवाई का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना और सरकारी राजस्व के नुकसान को रोकना है। विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण के मामलों में ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई गई है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन जब्ती, प्राथमिकी दर्ज करने और भारी आर्थिक दंड सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने खनन और खनिज परिवहन से जुड़े सभी व्यक्तियों, ठेकेदारों और वाहन चालकों को निर्देश दिया है कि वे केवल वैध लाइसेंस और ई-चालान के माध्यम से ही कार्य करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। बक्सर जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एक विशेष अभियान के तहत खनन विभाग की टीम ने नावानगर थाना क्षेत्र में औचक छापेमारी कर अवैध रूप से मिट्टी का खनन और परिवहन कर रहे एक हाईवा को जब्त किया। इस मामले में संबंधित वाहन के विरुद्ध नावानगर थाने में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई है। जिला सूचना पदाधिकारी के अनुसार, जांच में पता चला कि जब्त किया गया हाईवा बिना किसी वैध लाइसेंस और ई-चालान के मिट्टी का अवैध खनन और परिवहन कर रहा था। यह कृत्य खनन अधिनियम और खनन नियमावली का सीधा उल्लंघन है। नियमों के इस गंभीर उल्लंघन पर खनन विभाग ने वाहन मालिक और चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। ₹8 लाख का शमन शुल्क लगाया गया
नियमानुसार, दोषी पाए गए वाहन पर ₹8 लाख का शमन शुल्क लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, अवैध रूप से निकाली गई मिट्टी पर देय रॉयल्टी का 25 गुना दंड भी अधिरोपित किया गया है। प्रशासन ने बताया कि इस कठोर कार्रवाई का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना और सरकारी राजस्व के नुकसान को रोकना है। विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण के मामलों में ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई गई है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहन जब्ती, प्राथमिकी दर्ज करने और भारी आर्थिक दंड सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने खनन और खनिज परिवहन से जुड़े सभी व्यक्तियों, ठेकेदारों और वाहन चालकों को निर्देश दिया है कि वे केवल वैध लाइसेंस और ई-चालान के माध्यम से ही कार्य करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।


