450 करोड़ के बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, जुलाई तक शुरू होगा आवागमन, आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मार्ग

450 करोड़ के बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, जुलाई तक शुरू होगा आवागमन, आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मार्ग

बरेली। बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे के निर्माण कार्य ने अब रफ्तार पकड़ ली है। पहले पैकेज में बरेली से पीलीभीत तक 32.50 किलोमीटर सड़क का करीब 43 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वहीं पीलीभीत से सितारगंज तक दूसरे पैकेज में अभी 23 प्रतिशत ही निर्माण हो सका है। एनएचएआइ का दावा है कि जुलाई तक पहले पैकेज को पूरा कर यातायात शुरू करा दिया जाएगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पिछले साल 450 करोड़ रुपये की लागत से इस हाईवे का निर्माण शुरू कराया था। योजना के तहत पहले पैकेज में बरेली से पीलीभीत तक और दूसरे पैकेज में पीलीभीत से सितारगंज तक हाईवे तैयार किया जा रहा है। यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन को आसान बनाने के साथ व्यापार और विकास को भी गति देगी।

भूमि और पेड़ बने थे सबसे बड़ी बाधा

निर्माण की शुरुआत में जमीन पर कब्जा न मिल पाने और मार्ग में आ रहे पेड़ों के कारण काम सुस्त पड़ गया था। बाइपास निर्माण के लिए रिठौरा, बरकापुर, लाड़पुर उस्मानपुर और फरीदपुर गंगा उर्फ नवादा में जमीन को लेकर लंबे समय तक अड़चन बनी रही। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद अतिक्रमण हटवाकर भूमि दिलाई जा सकी।

एनओसी में उलझा रहा पेड़ों का कटान

भूमि मिलने के बाद भी वन विभाग की एनओसी और पेड़ों के कटान में देरी हुई। कटे जाने वाले पेड़ों के बदले चार गुना पौधरोपण के लिए बजट और जमीन उपलब्ध कराने के बाद महीनों बाद जाकर पेड़ों की कटाई संभव हो सकी। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई गई। हाईवे को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है ताकि वाहन चालकों को किसी तरह की परेशानी न हो। जगह-जगह डिजिटल डिस्प्ले और संकेतक लगाए जाएंगे। प्रमुख स्थानों पर कैमरे भी लगाए जा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण किया जा सके।

बेसहारा पशुओं से मिलेगी राहत

हाईवे पर पशुओं के झुंड आने से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पूरे मार्ग के दोनों ओर दीवार बनाई जाएगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और हादसों में कमी आने की उम्मीद है। एनएचएआइ के परियोजना प्रबंधक तकनीकी अश्वनी चौहान के अनुसार, बरसात से पहले बरेली से पीलीभीत तक का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पीलीभीत से सितारगंज तक निर्माण कार्य देर से शुरू होने के कारण इस हिस्से को पूरा होने में अभी और समय लगेगा।

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