वीबी-जी रामजी योजना पर भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला:ग्रामीण इलाकों में हर घर पहुंचने की रणनीति, जिला स्तर पर कार्यशाला और गांवों में लगेगी चौपाल

वीबी-जी रामजी योजना पर भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला:ग्रामीण इलाकों में हर घर पहुंचने की रणनीति, जिला स्तर पर कार्यशाला और गांवों में लगेगी चौपाल

मोदी सरकार की विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) योजना को ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला राजधानी रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में चल रही है। कार्यशाला में सभी जिलों के जिला अध्यक्ष, संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और योजना के प्रचार-प्रसार के लिए गठित टोलियों के सदस्य शामिल हुए हैं। बैठक के दौरान योजना को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने के लिए जिला स्तर पर कार्यशालाएं और ग्रामीण स्तर पर चौपाल आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। जिला और पंचायत स्तर तक पहुंचने पर फोकस भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में ग्रामीण और पंचायत क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की जा रही है। पार्टी नेताओं द्वारा कार्यकर्ताओं को यह बताया जा रहा है कि योजना की जानकारी लाभार्थियों तक कैसे पहुंचाई जाए और किस स्तर पर संपर्क अभियान चलाया जाए। कार्यशाला में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, नवीन मार्कंडेय सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी मौजूद हैं। वीबी-जी रामजी योजना की रूपरेखा पर चर्चा बैठक के दौरान विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसमें बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाकर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में यह योजना अहम भूमिका निभा सकती है। कार्यशाला में बताया गया कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत मनरेगा में मौजूद कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। योजना के अंतर्गत रोजगार दिवसों की संख्या बढ़ाकर 125 कर दी गई है। इसके साथ ही मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर किए जाने का प्रावधान है। तय समय में भुगतान नहीं होने की स्थिति में लाभार्थियों को ब्याज देने का प्रावधान भी रखा गया है। कार्यशाला के जरिए पार्टी संगठन को गांव-गांव तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं और आगामी कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है।

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