भागलपुर में कोर्ट के आदेश पर सीएस कंपाउंड में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई लंबे समय से चले आ रहे अवैध कब्जों को हटाने के उद्देश्य से की गई। किसी भी संभावित अव्यवस्था या विरोध से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। रविवार सुबह जिला प्रशासन की टीम मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में सीएस कंपाउंड पहुंची। अतिक्रमण हटाने के लिए दो जेसीबी मशीन भी मौके पर बुलाई गई। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही हलचल मच गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों से सामान हटाने और उन्हें खाली करने में जुट गए। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई स्थानीय लोगों के मुताबिक सीएस कंपाउंड क्षेत्र में वर्षों से सरकारी जमीन पर अवैध दुकानें और अस्थायी ढांचे बने हुए थे। जिसके चलते यातायात बाधित होता था। आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी। कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने इस अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के निर्देशों के तहत की जा रही है और इसमें किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। अतिक्रमण हटाने से पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कब्जाधारियों ने नहीं हटाया। इसके बाद प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही मौके पर तैनात पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा, जिससे कोई विवाद या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हुई। जिला प्रशासन ने बताया कि अतिक्रमण हटने के बाद सीएस कंपाउंड क्षेत्र को व्यवस्थित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सुविधा प्रदान करना और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है। भागलपुर में कोर्ट के आदेश पर सीएस कंपाउंड में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई लंबे समय से चले आ रहे अवैध कब्जों को हटाने के उद्देश्य से की गई। किसी भी संभावित अव्यवस्था या विरोध से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। रविवार सुबह जिला प्रशासन की टीम मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में सीएस कंपाउंड पहुंची। अतिक्रमण हटाने के लिए दो जेसीबी मशीन भी मौके पर बुलाई गई। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही हलचल मच गई। कई दुकानदार अपनी दुकानों से सामान हटाने और उन्हें खाली करने में जुट गए। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई स्थानीय लोगों के मुताबिक सीएस कंपाउंड क्षेत्र में वर्षों से सरकारी जमीन पर अवैध दुकानें और अस्थायी ढांचे बने हुए थे। जिसके चलते यातायात बाधित होता था। आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी। कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने इस अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के निर्देशों के तहत की जा रही है और इसमें किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। अतिक्रमण हटाने से पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कब्जाधारियों ने नहीं हटाया। इसके बाद प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही मौके पर तैनात पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखा, जिससे कोई विवाद या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हुई। जिला प्रशासन ने बताया कि अतिक्रमण हटने के बाद सीएस कंपाउंड क्षेत्र को व्यवस्थित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सुविधा प्रदान करना और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है।


