देवरिया के खुखुंदू थाना क्षेत्र स्थित मरहवां गांव निवासी श्रवण कुमार भारती का शव दुबई से 15 दिन बाद रविवार तड़के उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक छा गया। रविवार को बरहज घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। श्रवण कुमार भारती पिछले वर्ष रोजगार के लिए दुबई गए थे। 27 दिसंबर को काम के दौरान अचानक उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके साथ काम कर रहे लोगों ने परिजनों को इसकी सूचना दी, जिससे परिवार में मातम छा गया। कई प्रयासों के बावजूद शव को भारत लाने में देरी हुई, जिससे परिजनों की परेशानी बढ़ गई थी। शव को वापस लाने के लिए 6 जनवरी को परिजनों ने जिलाधिकारी दिव्या मित्तल से गुहार लगाई थी और एक प्रार्थना पत्र सौंपा था। जिलाधिकारी की पहल और प्रयासों के बाद ही रविवार तड़के श्रवण का शव दुबई से उनके गांव पहुंच पाया। शव के गांव पहुंचते ही हजारों ग्रामीण एकत्र हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और गांव में शोक का माहौल था। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद शव को बरहज घाट ले जाया गया, जहां पूरे विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान श्रवण के पिता राजेंद्र प्रसाद, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि छांगुर कुशवाहा और कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने भारत सरकार तथा संबंधित कंपनी से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने बताया कि श्रवण परिवार का मुख्य सहारा था और उसकी मृत्यु से परिवार पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया है। देखें 3 तस्वीरें… ग्रामीणों ने प्रशासन से भी पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने की मांग की है। जिलाधिकारी की पहल से शव गांव पहुंचने पर लोगों ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। हालांकि, उन्होंने परिवार को स्थायी राहत दिलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।


