दो म्यूजियमों को जोड़ने वाला भारत का पहला टनल:बिहार म्यूजियम–पटना म्यूजियम को जोड़ेगी, TBM मशीन की एसेंबलिंग शुरू; मार्च से खुदाई

दो म्यूजियमों को जोड़ने वाला भारत का पहला टनल:बिहार म्यूजियम–पटना म्यूजियम को जोड़ेगी, TBM मशीन की एसेंबलिंग शुरू; मार्च से खुदाई

बिहार म्यूजियम से पटना म्यूजियम को जोड़ने वाली सुरंग के निर्माण के लिए टनल बोरिंग मशीन (TBM) के एसेंबलिंग का काम शुरू हो चुका है। इस विशालकाय TBM को जमीन के अंदर इन्स्टॉल किया जाएगा। यह मशीन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा टनल की खुदाई के लिए सिंगापुर से मंगाई गयी है। इसके एसेंबलिंग के काम को पूरा होने में लगभग दो महीने का समय लगेगा। इसके बाद मार्च में दोनों म्यूजियम को जोड़ने के लिए टनल निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। इस टनल में लोग पैदल भी यात्रा कर सकेंगे। अगले महीने मलाही पकड़ी तक चलेगी मेट्रो वहीं, अगले महीने से मलाही पकड़ी तक पटना मेट्रो चलेगी। भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक पटना मेट्रो का तीन किमी लंबा एलिवेटेड ट्रैक बन कर तैयार हो गया है। मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक, इसी महीने कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम नए ट्रैक की जांच करेगी। इस दौरान चिह्नित होने वाली कमियों को दूर कर उद्घाटन की तारीख तय की जाएगी। उसके बाद खेमनीचक इंटरचेंज स्टेशन से बाइपास होकर मीठापुर तक एलिवेटेड ट्रैक बनाने का काम तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है। पटना जंक्शन से रुकनपुरा के बीच भी बनेगी अंडरग्राउंड टनल इधर पटना जंक्शन से रुकनपुरा के बीच अंडरग्राउंड टनल बननी है। वहीं, मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्रनगर रेलवे स्टेशन होते अंडरग्राउंड टनल बनाकर मलाही पकड़ी के पास एलिवेटेड से जोड़ना है। इसके लिए पटना रेल कॉरपोरेशन ने रेलवे से एनओसी मांगी है। इधर, पीएमसीएच से गांधी मैदान होते पटना जंक्शन तक अंडरग्राउंड टनल का निर्माण जारी है। म्यूजियम की सुरंग मेट्रो टनल के ऊपर से गुजरेगी दोनों म्यूजियम के बीच यह टनल 1.5 किलोमीटर लंबा होगा। मेट्रो की टनल खुदाई के लिए 6 मीटर गोलाई की टीबीएम का इस्तेमाल हो रहा है। मगर, म्यूजियम को जोड़ने वाले टनल के लिए 8 मीटर गोलाई की टीबीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए बेस स्लैब और लॉन्च शाफ्ट तैयार हो चुके हैं, जहां से TBM को अंडरग्राउंड खुदाई का काम शुरू करने के लिए प्लेटफॉर्म मिलेगा। म्यूजियम को जोड़ने वाला टनल जमीन से 15 से 20 मीटर नीचे होगा। वहीं, मेट्रो के टनल और म्यूजियम को जोड़ने वाली टनल का क्रासिंग प्वाइंट नेहरू पथ में होगा। इसी कारण मेट्रो की टनल जमीन से 29 मीटर नीचे से गुजरेगी। क्रॉसिंग प्वाइंट पर म्यूजियम की सुरंग और मेट्रो टनल में लगभग 6.5 मीटर की दूरी होगी। दो म्यूजियम को जोड़ने वाला भारत का पहला टनल इस विश्व स्तरीय ‘हेरिटेज टनल’ को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह सुरंग पटना म्यूजियम, विद्यापति मार्ग, तारामंडल क्रॉसिंग, इनकम टैक्स गोलंबर, पटना विमेंस कॉलेज और बिहार म्यूजियम सहित कई प्रमुख जगहों से होकर गुजरेगा। दो म्यूजियम को जोड़ने वाली यह अपनी तरह की भारत की पहली सुरंग है। इस टनल के बनने से दोनों म्यूजियम की आपसी कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। यह सुरंग एक आर्ट गैलरी की तरह होगी, जिसमें मधुबनी पेंटिंग्स के द्वारा राज्य की कला, संस्कृति, विरासत, भित्तिचित्र और अन्य कलाकृतियों को सुरंग की दीवारों पर प्रदर्शित किया जाएगा। एंट्री और एग्जिट बिल्डिंग में एक भूतल और प्रथम तल होगा और इसमें तीन-लेवल का बेसमेंट होगा। बिहार म्यूजियम से पटना म्यूजियम को जोड़ने वाली सुरंग के निर्माण के लिए टनल बोरिंग मशीन (TBM) के एसेंबलिंग का काम शुरू हो चुका है। इस विशालकाय TBM को जमीन के अंदर इन्स्टॉल किया जाएगा। यह मशीन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा टनल की खुदाई के लिए सिंगापुर से मंगाई गयी है। इसके एसेंबलिंग के काम को पूरा होने में लगभग दो महीने का समय लगेगा। इसके बाद मार्च में दोनों म्यूजियम को जोड़ने के लिए टनल निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। इस टनल में लोग पैदल भी यात्रा कर सकेंगे। अगले महीने मलाही पकड़ी तक चलेगी मेट्रो वहीं, अगले महीने से मलाही पकड़ी तक पटना मेट्रो चलेगी। भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक पटना मेट्रो का तीन किमी लंबा एलिवेटेड ट्रैक बन कर तैयार हो गया है। मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक, इसी महीने कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम नए ट्रैक की जांच करेगी। इस दौरान चिह्नित होने वाली कमियों को दूर कर उद्घाटन की तारीख तय की जाएगी। उसके बाद खेमनीचक इंटरचेंज स्टेशन से बाइपास होकर मीठापुर तक एलिवेटेड ट्रैक बनाने का काम तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है। पटना जंक्शन से रुकनपुरा के बीच भी बनेगी अंडरग्राउंड टनल इधर पटना जंक्शन से रुकनपुरा के बीच अंडरग्राउंड टनल बननी है। वहीं, मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्रनगर रेलवे स्टेशन होते अंडरग्राउंड टनल बनाकर मलाही पकड़ी के पास एलिवेटेड से जोड़ना है। इसके लिए पटना रेल कॉरपोरेशन ने रेलवे से एनओसी मांगी है। इधर, पीएमसीएच से गांधी मैदान होते पटना जंक्शन तक अंडरग्राउंड टनल का निर्माण जारी है। म्यूजियम की सुरंग मेट्रो टनल के ऊपर से गुजरेगी दोनों म्यूजियम के बीच यह टनल 1.5 किलोमीटर लंबा होगा। मेट्रो की टनल खुदाई के लिए 6 मीटर गोलाई की टीबीएम का इस्तेमाल हो रहा है। मगर, म्यूजियम को जोड़ने वाले टनल के लिए 8 मीटर गोलाई की टीबीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए बेस स्लैब और लॉन्च शाफ्ट तैयार हो चुके हैं, जहां से TBM को अंडरग्राउंड खुदाई का काम शुरू करने के लिए प्लेटफॉर्म मिलेगा। म्यूजियम को जोड़ने वाला टनल जमीन से 15 से 20 मीटर नीचे होगा। वहीं, मेट्रो के टनल और म्यूजियम को जोड़ने वाली टनल का क्रासिंग प्वाइंट नेहरू पथ में होगा। इसी कारण मेट्रो की टनल जमीन से 29 मीटर नीचे से गुजरेगी। क्रॉसिंग प्वाइंट पर म्यूजियम की सुरंग और मेट्रो टनल में लगभग 6.5 मीटर की दूरी होगी। दो म्यूजियम को जोड़ने वाला भारत का पहला टनल इस विश्व स्तरीय ‘हेरिटेज टनल’ को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह सुरंग पटना म्यूजियम, विद्यापति मार्ग, तारामंडल क्रॉसिंग, इनकम टैक्स गोलंबर, पटना विमेंस कॉलेज और बिहार म्यूजियम सहित कई प्रमुख जगहों से होकर गुजरेगा। दो म्यूजियम को जोड़ने वाली यह अपनी तरह की भारत की पहली सुरंग है। इस टनल के बनने से दोनों म्यूजियम की आपसी कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। यह सुरंग एक आर्ट गैलरी की तरह होगी, जिसमें मधुबनी पेंटिंग्स के द्वारा राज्य की कला, संस्कृति, विरासत, भित्तिचित्र और अन्य कलाकृतियों को सुरंग की दीवारों पर प्रदर्शित किया जाएगा। एंट्री और एग्जिट बिल्डिंग में एक भूतल और प्रथम तल होगा और इसमें तीन-लेवल का बेसमेंट होगा।  

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