रीगल रिसोर्सेस को GST का 2.17 करोड़ का नोटिस:किशनगंज की कंपनी पर फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के लिए कार्रवाई

रीगल रिसोर्सेस को GST का 2.17 करोड़ का नोटिस:किशनगंज की कंपनी पर फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के लिए कार्रवाई

किशनगंज के गलगलिया स्थित मक्का आधारित स्पेशियलिटी प्रोडक्ट्स की प्रमुख निर्माता कंपनी रीगल रिसोर्सेस लिमिटेड को जीएसटी विभाग ने 2.17 करोड़ रुपए का डिमांड नोटिस जारी किया है। यह नोटिस वित्तीय वर्ष 2021-22 से संबंधित है। संयुक्त आयुक्त, जीएसटी किशनगंज-पूर्णिया द्वारा 1 जनवरी 2026 को जीएसटी अधिनियम की धारा 73 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। नोटिस के अनुसार, कंपनी पर 1.22 करोड़ रुपए कर, 0.82 करोड़ रुपए ब्याज और 0.13 करोड़ रुपए जुर्माना लगाया गया है। इन सभी को मिलाकर कुल मांग राशि 2.17 करोड़ रुपए बनती है। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के आधार पर की गई है और विभाग द्वारा कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की गहन छानबीन की जा रही है। दस्तावेजों की गहन जांच, विभाग सख्त जीएसटी विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान कंपनी के टैक्स रिटर्न, इनपुट टैक्स क्रेडिट और लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड में कथित विसंगतियां पाई गई थीं। इसी आधार पर विभाग ने सेक्शन-73 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए टैक्स, ब्याज और जुर्माने की मांग की है। हालांकि, इस पूरे मामले में आयकर और जीएसटी विभाग के अधिकारी फिलहाल आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया जारी है और आगे की कार्रवाई कंपनी के जवाब और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद तय की जाएगी। कंपनी ने नोटिस को बताया अवैध, कानूनी चुनौती की तैयारी रीगल रिसोर्सेस लिमिटेड की ओर से इस डिमांड नोटिस को लेकर सफाई दी गई है। कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जीएसटी विभाग की यह मांग पूरी तरह वैध नहीं है और कंपनी इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत चुनौती देगी। कंपनी का कहना है कि उसने सभी कर नियमों का पालन किया है और विभाग की ओर से लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। कंपनी ने यह भी दावा किया है कि इस डिमांड नोटिस से उसके वित्तीय या परिचालन गतिविधियों पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा और उत्पादन व व्यावसायिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहेंगी। पूर्वी भारत की बड़ी मक्का प्रोसेसिंग कंपनी रीगल रिसोर्सेस लिमिटेड मक्का आधारित स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स की प्रमुख निर्माता कंपनी है और पूर्वी भारत में दूसरी सबसे बड़ी मक्का प्रोसेसिंग कंपनी मानी जाती है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट किशनगंज जिले में करीब 54 एकड़ भूमि में फैली हुई है। यहां प्रतिदिन लगभग 750 टन मक्का मिलिंग की क्षमता है, जिससे स्टार्च, ग्लूटेन, फाइबर और अन्य स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स का उत्पादन किया जाता है। कंपनी ने हाल ही में अपना आईपीओ भी लॉन्च किया था, जिसे निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। ऐसे में जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई को लेकर उद्योग जगत और निवेशकों के बीच भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय कारोबारियों में जीएसटी सख्ती का संदेश इस मामले को लेकर स्थानीय कारोबारी वर्ग में भी हलचल देखी जा रही है। व्यापारियों का मानना है कि यह कार्रवाई जीएसटी अनुपालन को लेकर विभाग की सख्त निगरानी और सतर्कता को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में जिले में टैक्स रिटर्न, आईटीसी और ऑडिट से जुड़े मामलों में और कड़ाई देखने को मिल सकती है। किशनगंज के गलगलिया स्थित मक्का आधारित स्पेशियलिटी प्रोडक्ट्स की प्रमुख निर्माता कंपनी रीगल रिसोर्सेस लिमिटेड को जीएसटी विभाग ने 2.17 करोड़ रुपए का डिमांड नोटिस जारी किया है। यह नोटिस वित्तीय वर्ष 2021-22 से संबंधित है। संयुक्त आयुक्त, जीएसटी किशनगंज-पूर्णिया द्वारा 1 जनवरी 2026 को जीएसटी अधिनियम की धारा 73 के तहत यह आदेश जारी किया गया है। नोटिस के अनुसार, कंपनी पर 1.22 करोड़ रुपए कर, 0.82 करोड़ रुपए ब्याज और 0.13 करोड़ रुपए जुर्माना लगाया गया है। इन सभी को मिलाकर कुल मांग राशि 2.17 करोड़ रुपए बनती है। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के आधार पर की गई है और विभाग द्वारा कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की गहन छानबीन की जा रही है। दस्तावेजों की गहन जांच, विभाग सख्त जीएसटी विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान कंपनी के टैक्स रिटर्न, इनपुट टैक्स क्रेडिट और लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड में कथित विसंगतियां पाई गई थीं। इसी आधार पर विभाग ने सेक्शन-73 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए टैक्स, ब्याज और जुर्माने की मांग की है। हालांकि, इस पूरे मामले में आयकर और जीएसटी विभाग के अधिकारी फिलहाल आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया जारी है और आगे की कार्रवाई कंपनी के जवाब और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद तय की जाएगी। कंपनी ने नोटिस को बताया अवैध, कानूनी चुनौती की तैयारी रीगल रिसोर्सेस लिमिटेड की ओर से इस डिमांड नोटिस को लेकर सफाई दी गई है। कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जीएसटी विभाग की यह मांग पूरी तरह वैध नहीं है और कंपनी इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत चुनौती देगी। कंपनी का कहना है कि उसने सभी कर नियमों का पालन किया है और विभाग की ओर से लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। कंपनी ने यह भी दावा किया है कि इस डिमांड नोटिस से उसके वित्तीय या परिचालन गतिविधियों पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा और उत्पादन व व्यावसायिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहेंगी। पूर्वी भारत की बड़ी मक्का प्रोसेसिंग कंपनी रीगल रिसोर्सेस लिमिटेड मक्का आधारित स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स की प्रमुख निर्माता कंपनी है और पूर्वी भारत में दूसरी सबसे बड़ी मक्का प्रोसेसिंग कंपनी मानी जाती है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट किशनगंज जिले में करीब 54 एकड़ भूमि में फैली हुई है। यहां प्रतिदिन लगभग 750 टन मक्का मिलिंग की क्षमता है, जिससे स्टार्च, ग्लूटेन, फाइबर और अन्य स्पेशलिटी प्रोडक्ट्स का उत्पादन किया जाता है। कंपनी ने हाल ही में अपना आईपीओ भी लॉन्च किया था, जिसे निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। ऐसे में जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई को लेकर उद्योग जगत और निवेशकों के बीच भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय कारोबारियों में जीएसटी सख्ती का संदेश इस मामले को लेकर स्थानीय कारोबारी वर्ग में भी हलचल देखी जा रही है। व्यापारियों का मानना है कि यह कार्रवाई जीएसटी अनुपालन को लेकर विभाग की सख्त निगरानी और सतर्कता को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में जिले में टैक्स रिटर्न, आईटीसी और ऑडिट से जुड़े मामलों में और कड़ाई देखने को मिल सकती है।  

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