‘जिस तरीके से सीता माता ने अपने सम्मान के लिए अग्निपरीक्षा दी थी, उसी तरह मैं भी अपने शरीर को आग के हवाले कर दूंगी। आखिर कब तक मैं मान-सम्मान के लिए लड़ती रहूंगी। मैं आज भी अपने पति के साथ रहना चाहती हूं, मुझे दूसरी शादी नहीं करनी है। मेरे पति मुझे अपने घर में एक कमरा दे दे। मुझे और कुछ भी नहीं चाहिए,मैं खुशी खुशी उनको देखकर जी लूंगी। नहीं तो फिर मेरा मरना तय है।’ पीरो प्रखंड के पीरो बड़ी मस्जिद की रहने वाली 21 साल की गीतांजलि ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। गीतांजलि का आरोप है कि शादी के 15 महीने तक मैं अपने ससुराल में ठीक से रही, खुश थी। लेकिन इसके बाद जब बच्चा नहीं हुआ तो मेरी सास ने मुझे बांझ कहा, इलाज कराया तो पता चला कि मुझमें कोई दिक्कत नहीं है। पति से लेकर जेठानी, जेठ, सास दहेज की डिमांड करते हैं। मेरे पिता ने तो शादी में सब कुछ दिया था, जो भी रकम तय हुई थी, जो भी सामान देने की बात हुई थी, पापा ने सब कुछ दिया था। इसके बावजूद दहेज को लेकर मेरे साथ ससुराल वाले मारपीट कर रहे हैं, कहते हैं कि तुम्हारा भाई विदेश में रहता है, तुम घर की सबसे छोटी बेटी हो, दहेज में बाइक तो दे ही सकते हैं। फिलहाल, गीतांजलि की ओर से फैमिली कोर्ट में मामला दर्ज कराया गया है, जिसकी पहली सुनवाई 5 जनवरी को थी। कोर्ट ने महिला से शादी और विवाद के बारे में पूछताछ की है। ये पूछा गया है कि कही और केस तो नहीं किया गया है। उधर, पहली तारीख में महिला का पति कोर्ट नहीं आया। अब कोर्ट की ओर से शिकायतकर्ता के पति को नोटिस भेजा जाएगा। सबसे पहले जानिए, आत्मदाह की धमकी देने वाली गीतांजलि की कहानी गीतांजलि की शादी 27 नवंबर 2022 को जगदीशपुर प्रखंड के दांवा गांव के रहने वाले ओम प्रकाश चौधरी के बेटे रंजन कुमार से हुई थी। गीतांजलि ने बताया कि मेरे पति फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं। शादी में कूलर, फ्रिज, वाशिंग मशीन, एक सोने की अंगूठी, पलंग, गोदरेज और दो लाख रुपए कैश दिए थे। शादी के बाद करीब 15 महीने तक सब कुछ ठीक रहा। लेकिन इसके बाद पति की ओर से एक बाइक और अलग-अलग घरेलू समान की डिमांड की जाने लगी। पति के परिवार वाले भी उसकी डिमांड का समर्थन करते हैं। पति कहते हैं कि तुम घर की छोटी बेटी हो, अपने भाई और पापा से बाइक मांगो। इस बात को पहले कई बार झगड़ा भी हुआ है। लेकिन मैंने कहा कि मेरे परिवार वालों ने अपने हैसियत से ज्यादा दे दिया है। इसी बात को लेकर मेरे पति ने मेरी पिटाई करनी शुरू कर दी। ‘पापा ने बिहिया बाजार के लॉज से कराई थी, 5 लाख ऊपर से खर्च किए थे’ गीतांजलि बताती है कि मैं भाई-बहनों में सबसे छोटी हूं। घर की सबसे छोटी बेटी हूं, इसलिए पापा और भाइयों ने मेरी शादी में काफी खर्च किया था। दहेज के सामान, कैश के अलावा ऊपर से 5 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किया था। शादी की रस्म तो घर हुई थी, लेकिन फेरे और जयमाला आदि बिहिया बाजार के एक लॉज से की थी। मेरे परिवार में इतना खर्च किसी की शादी में नहीं हुआ था। गीतांजलि ने बताया कि बाकी भाई-बहनों की शादी हुई तो पापा ने बोल दिया, फोटो दिखा दी गई, सब कुछ वैसे ही हुआ, लेकिन मेरी शादी के दौरान न सिर्फ मुझे लड़के की फोटो दिखाई गई, बल्कि मुलाकात भी कराई गई। इसके बाद दोनों के परिवार की रजामंदी के बाद शादी कराई गई। ‘सास बांझ होने का आरोप लगाती है, कहती है तुम टीबी की मरीज हो’ 21 साल की गीतांजलि बताती है कि मेरी सास और ससुराल के सदस्य मुझे घर से निकालने के लिए कई आरोप लगाते हैं। मेरी सास कहती है कि तुम्हारा पैर जिस दिन से हमारे घर में पड़ा, कुछ ठीक नहीं हो रहा है। कहती है कि तुम बांझ हो, तुम्हें टीबी की बीमारी है, इसलिए तुम बच्चा पैदा नहीं कर पा रही हो। ये आरोप लगाकर कई बार मेरा साथ मारपीट की गई। मुझे ससुराल से मायका पहुंचा दिया गया। मायका जाने के बाद जब मेरे पिता और भाई को ये बात पता चली तो उन्होंने बांझपन के चेकअप के लिए बनारस में डॉक्टर से दिखवाया। सभी तरह का चेकअप कराया गया। लेकिन सभी जांच रिपोर्ट नॉर्मल आया। डॉक्टरों ने कहा कि तुम बिल्कुल मां बन सकती हो। इसके बाद पति रंजन को जब ये बात बताई, तो उसने मेरी बात नहीं सुनी। ‘पति के साथ होली पर फोटो ले रही थी, तो जेठानी ने मारपीट के लिए उकसाया’ गीतांजलि ने बताया कि जब भी मेरे पति का मुझसे मन भर जाता है, मुझे मारपीट कर मायके छोड़ देते हैं, जब मुझे यूज करना होता है, जाकर मायके से ले आते हैं। इसी तरह इसी साल 15 मार्च को होली से कुछ दिन पहले मुझे मायके से पति घर लेकर आए। होली में मैं रंजन के साथ फोटो क्लिक कर रही थी। इतने में जेठानी आई और ताने कसे। तब मैंने कहा कि मैं अपने पति के साथ ही फोटो क्लिक कर रही हूं, इसमें क्या गलता है। इतना कहने के बाद जेठानी ने मेरे पति को मेरे साथ मारपीट के लिए उसकाया। उन्होंने मेरे पति से कहा कि तुम्हारी पत्नी का जुबान ज्यादा चलता है। अब जानिए गीतांजलि के पिता का क्या कहना है? गीतांजलि के पिता सुभाष चौधरी ने कहा कि बहुत अरमानों से सबसे छोटी बेटी की शादी धूमधाम से की थी। लेकिन सभी अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है। आज ऐसी स्थिति हो गई है कि मैं बेटी को साथ लेकर थाना और पुलिस का चक्कर काट रहा हूं। हाथ-पैर काम नहीं करते हैं, लेकिन मुझे ससुरालवालों के पास हाथ जोड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई बार समझा चुका हूं, अपील कर चुका हूं कि अगर मेरी बेटी में कोई दिक्कत है, तो मुझे बताइए, लेकिन ससुराल वाले, गीतांजलि का पति रंजन मेरी बेटी को नहीं रखना चाह रहा है। मैंने एसपी राज से मदद मांगी है। उन्होंने न्याय का आश्वासन दिया है। ‘जिस तरीके से सीता माता ने अपने सम्मान के लिए अग्निपरीक्षा दी थी, उसी तरह मैं भी अपने शरीर को आग के हवाले कर दूंगी। आखिर कब तक मैं मान-सम्मान के लिए लड़ती रहूंगी। मैं आज भी अपने पति के साथ रहना चाहती हूं, मुझे दूसरी शादी नहीं करनी है। मेरे पति मुझे अपने घर में एक कमरा दे दे। मुझे और कुछ भी नहीं चाहिए,मैं खुशी खुशी उनको देखकर जी लूंगी। नहीं तो फिर मेरा मरना तय है।’ पीरो प्रखंड के पीरो बड़ी मस्जिद की रहने वाली 21 साल की गीतांजलि ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। गीतांजलि का आरोप है कि शादी के 15 महीने तक मैं अपने ससुराल में ठीक से रही, खुश थी। लेकिन इसके बाद जब बच्चा नहीं हुआ तो मेरी सास ने मुझे बांझ कहा, इलाज कराया तो पता चला कि मुझमें कोई दिक्कत नहीं है। पति से लेकर जेठानी, जेठ, सास दहेज की डिमांड करते हैं। मेरे पिता ने तो शादी में सब कुछ दिया था, जो भी रकम तय हुई थी, जो भी सामान देने की बात हुई थी, पापा ने सब कुछ दिया था। इसके बावजूद दहेज को लेकर मेरे साथ ससुराल वाले मारपीट कर रहे हैं, कहते हैं कि तुम्हारा भाई विदेश में रहता है, तुम घर की सबसे छोटी बेटी हो, दहेज में बाइक तो दे ही सकते हैं। फिलहाल, गीतांजलि की ओर से फैमिली कोर्ट में मामला दर्ज कराया गया है, जिसकी पहली सुनवाई 5 जनवरी को थी। कोर्ट ने महिला से शादी और विवाद के बारे में पूछताछ की है। ये पूछा गया है कि कही और केस तो नहीं किया गया है। उधर, पहली तारीख में महिला का पति कोर्ट नहीं आया। अब कोर्ट की ओर से शिकायतकर्ता के पति को नोटिस भेजा जाएगा। सबसे पहले जानिए, आत्मदाह की धमकी देने वाली गीतांजलि की कहानी गीतांजलि की शादी 27 नवंबर 2022 को जगदीशपुर प्रखंड के दांवा गांव के रहने वाले ओम प्रकाश चौधरी के बेटे रंजन कुमार से हुई थी। गीतांजलि ने बताया कि मेरे पति फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं। शादी में कूलर, फ्रिज, वाशिंग मशीन, एक सोने की अंगूठी, पलंग, गोदरेज और दो लाख रुपए कैश दिए थे। शादी के बाद करीब 15 महीने तक सब कुछ ठीक रहा। लेकिन इसके बाद पति की ओर से एक बाइक और अलग-अलग घरेलू समान की डिमांड की जाने लगी। पति के परिवार वाले भी उसकी डिमांड का समर्थन करते हैं। पति कहते हैं कि तुम घर की छोटी बेटी हो, अपने भाई और पापा से बाइक मांगो। इस बात को पहले कई बार झगड़ा भी हुआ है। लेकिन मैंने कहा कि मेरे परिवार वालों ने अपने हैसियत से ज्यादा दे दिया है। इसी बात को लेकर मेरे पति ने मेरी पिटाई करनी शुरू कर दी। ‘पापा ने बिहिया बाजार के लॉज से कराई थी, 5 लाख ऊपर से खर्च किए थे’ गीतांजलि बताती है कि मैं भाई-बहनों में सबसे छोटी हूं। घर की सबसे छोटी बेटी हूं, इसलिए पापा और भाइयों ने मेरी शादी में काफी खर्च किया था। दहेज के सामान, कैश के अलावा ऊपर से 5 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किया था। शादी की रस्म तो घर हुई थी, लेकिन फेरे और जयमाला आदि बिहिया बाजार के एक लॉज से की थी। मेरे परिवार में इतना खर्च किसी की शादी में नहीं हुआ था। गीतांजलि ने बताया कि बाकी भाई-बहनों की शादी हुई तो पापा ने बोल दिया, फोटो दिखा दी गई, सब कुछ वैसे ही हुआ, लेकिन मेरी शादी के दौरान न सिर्फ मुझे लड़के की फोटो दिखाई गई, बल्कि मुलाकात भी कराई गई। इसके बाद दोनों के परिवार की रजामंदी के बाद शादी कराई गई। ‘सास बांझ होने का आरोप लगाती है, कहती है तुम टीबी की मरीज हो’ 21 साल की गीतांजलि बताती है कि मेरी सास और ससुराल के सदस्य मुझे घर से निकालने के लिए कई आरोप लगाते हैं। मेरी सास कहती है कि तुम्हारा पैर जिस दिन से हमारे घर में पड़ा, कुछ ठीक नहीं हो रहा है। कहती है कि तुम बांझ हो, तुम्हें टीबी की बीमारी है, इसलिए तुम बच्चा पैदा नहीं कर पा रही हो। ये आरोप लगाकर कई बार मेरा साथ मारपीट की गई। मुझे ससुराल से मायका पहुंचा दिया गया। मायका जाने के बाद जब मेरे पिता और भाई को ये बात पता चली तो उन्होंने बांझपन के चेकअप के लिए बनारस में डॉक्टर से दिखवाया। सभी तरह का चेकअप कराया गया। लेकिन सभी जांच रिपोर्ट नॉर्मल आया। डॉक्टरों ने कहा कि तुम बिल्कुल मां बन सकती हो। इसके बाद पति रंजन को जब ये बात बताई, तो उसने मेरी बात नहीं सुनी। ‘पति के साथ होली पर फोटो ले रही थी, तो जेठानी ने मारपीट के लिए उकसाया’ गीतांजलि ने बताया कि जब भी मेरे पति का मुझसे मन भर जाता है, मुझे मारपीट कर मायके छोड़ देते हैं, जब मुझे यूज करना होता है, जाकर मायके से ले आते हैं। इसी तरह इसी साल 15 मार्च को होली से कुछ दिन पहले मुझे मायके से पति घर लेकर आए। होली में मैं रंजन के साथ फोटो क्लिक कर रही थी। इतने में जेठानी आई और ताने कसे। तब मैंने कहा कि मैं अपने पति के साथ ही फोटो क्लिक कर रही हूं, इसमें क्या गलता है। इतना कहने के बाद जेठानी ने मेरे पति को मेरे साथ मारपीट के लिए उसकाया। उन्होंने मेरे पति से कहा कि तुम्हारी पत्नी का जुबान ज्यादा चलता है। अब जानिए गीतांजलि के पिता का क्या कहना है? गीतांजलि के पिता सुभाष चौधरी ने कहा कि बहुत अरमानों से सबसे छोटी बेटी की शादी धूमधाम से की थी। लेकिन सभी अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है। आज ऐसी स्थिति हो गई है कि मैं बेटी को साथ लेकर थाना और पुलिस का चक्कर काट रहा हूं। हाथ-पैर काम नहीं करते हैं, लेकिन मुझे ससुरालवालों के पास हाथ जोड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई बार समझा चुका हूं, अपील कर चुका हूं कि अगर मेरी बेटी में कोई दिक्कत है, तो मुझे बताइए, लेकिन ससुराल वाले, गीतांजलि का पति रंजन मेरी बेटी को नहीं रखना चाह रहा है। मैंने एसपी राज से मदद मांगी है। उन्होंने न्याय का आश्वासन दिया है।


