सीनियर IAS अफसरों को बिहार पसंद नहीं:टॉप-10 में से 6 दिल्ली में, रिटायर-जूनियर अफसरों पर CM नीतीश को भरोसा

सीनियर IAS अफसरों को बिहार पसंद नहीं:टॉप-10 में से 6 दिल्ली में, रिटायर-जूनियर अफसरों पर CM नीतीश को भरोसा

नीतीश गवर्नमेंट ने बिहार कैडर के अफसरों की सिविल लिस्ट 2026 जारी कर दी है। इसमें 316 अधिकारियों के नाम हैं। इससे बिहार के सबसे पावरफुल IAS अधिकारियों की रैंकिंग सामने आई है। पता चला है कि मुख्यमंत्री सचिवालय रिटायर और जूनियर IAS अफसर संभाल रहे हैं। वहीं, टॉप-10 सीनियर अफसरों में 6 दिल्ली डेपुटेशन पर हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS की टॉप 10 की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। इनके ऊपर के 3 सीनियर अधिकारी दिल्ली में हैं। भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए, बिहार कैडर के कौन से अधिकारी टॉप 10 की लिस्ट में हैं। इसमें कितने बिहार में काम कर रहे हैं? CM नीतीश कुमार की टीम में कौन हैं? रिटायर और जूनियर IAS अफसर संभाल रहे मुख्यमंत्री सचिवालय मुख्यमंत्री सचिवालय CM नीतीश कुमार के कामों को संभालता है। बिहार सरकार में पावर सेंटर माने जाने वाले इस सचिवालय को रिटायर और जूनियर अधिकारी संभाल रहे हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS अफसरों की टॉप 10 लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। नीतीश कुमार की टीम के अन्य अधिकारी सीनियारिटी के टॉप अफसरों को बिहार पसंद नहीं बिहार कैडर के टॉप सीनियर अफसरों को बिहार पसंद नहीं है। टॉप 10 IAS में से 6 डेपुटेशन पर दिल्ली में हैं। मोदी सरकार के लिए काम कर रहे हैं। ये अधिकारी हैं… टॉप टेन के 4 आईएएस अधिकारी बिहार में तैनात सीनियर अफसर गए तब प्रत्यय अमृत बने मुख्य सचिव बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS अफसरों की सीनियारिटी की टॉप 10 की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। उनके ऊपर के तीन अधिकारी (आईएएस अंशुली आर्या (1989), आईएएस संजय कुमार (1990) और आईएएस केशव कुमार पाठक (केके पाठक-1990) दिल्ली गए हैं। रैंकिंग में जूनियर अधिकारी प्रत्यय अमृत को बिहार में सबसे पावरफुल पद (मुख्य सचिव) मिला है। किसे मुख्य सचिव बनाना है यह सीएम का विशेष अधिकार होता है। बिहार में बुलडोजर एक्शन के पीछे हैं ये अधिकारी ! उप-मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के विभाग द्वारा पूरे बिहार में बुलडोजर एक्शन से अतिक्रमण हटाए गए। जानिए उनकी टीम में कौन से अधिकारी हैं। उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा की टीम में कौन-कौन अधिकारी? सबसे नीचे 2025 बैच के आईएएस अफसर सिविल लिस्ट 2026 में सबसे निचले पायदान (316 नंबर) पर 2025 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार हैं। इसके बाद अमित मीणा ( 315 नंबर), प्रिंस राज (314 नंबर), निलेश गोवल (313 नंबर), कल्पना रावत (312 नंबर), चेतन शुक्ला (311 नंबर) और कुमुद मिश्रा (310 नंबर) हैं। ये सभी ट्रेनिंग पर हैं। IAS सिविल लिस्ट क्या होती है? सरकार हर साल अफसरों का सिविल लिस्ट जारी करती है। यह काम साल की शुरुआत में होता है। यह सरकारी अधिकारियों, विशेषकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की ऑफिशियल लिस्ट होती है। इस लिस्ट में अधिकारियों के नाम, अलॉटमेंट वर्ष, वर्तमान पोस्टिंग, कैडर, शैक्षिक योग्यता और उनके करियर का पूरा रिकॉर्ड लिखा होता है। केंद्र सरकार का कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) हर साल इसे पब्लिश करता है। बिहार में सामान्य प्रशासन विभाग इसे जारी करता है। इस लिस्ट का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यों, अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग, प्रमोशन और नियुक्तियों के मैनेजमेंट में होता है। दरअसल, ‘सिविल लिस्ट’ शब्द ब्रिटिश शासन और राजशाही से आया है। इसमें पहले शाही परिवार के खर्चों और सरकारी कर्मचारियों के भुगतान के लिए आवंटित धन की जानकारी होती थी। 10 दिन तक आपत्तियां ली जाएंगी सरकार ने सिविल लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन से पहले प्रारूप जारी कर आपत्तियां मांगी है। इसके लिए 10 दिन समय दिया है। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह इसे भेज सकता है। नीतीश गवर्नमेंट ने बिहार कैडर के अफसरों की सिविल लिस्ट 2026 जारी कर दी है। इसमें 316 अधिकारियों के नाम हैं। इससे बिहार के सबसे पावरफुल IAS अधिकारियों की रैंकिंग सामने आई है। पता चला है कि मुख्यमंत्री सचिवालय रिटायर और जूनियर IAS अफसर संभाल रहे हैं। वहीं, टॉप-10 सीनियर अफसरों में 6 दिल्ली डेपुटेशन पर हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS की टॉप 10 की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। इनके ऊपर के 3 सीनियर अधिकारी दिल्ली में हैं। भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए, बिहार कैडर के कौन से अधिकारी टॉप 10 की लिस्ट में हैं। इसमें कितने बिहार में काम कर रहे हैं? CM नीतीश कुमार की टीम में कौन हैं? रिटायर और जूनियर IAS अफसर संभाल रहे मुख्यमंत्री सचिवालय मुख्यमंत्री सचिवालय CM नीतीश कुमार के कामों को संभालता है। बिहार सरकार में पावर सेंटर माने जाने वाले इस सचिवालय को रिटायर और जूनियर अधिकारी संभाल रहे हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS अफसरों की टॉप 10 लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। नीतीश कुमार की टीम के अन्य अधिकारी सीनियारिटी के टॉप अफसरों को बिहार पसंद नहीं बिहार कैडर के टॉप सीनियर अफसरों को बिहार पसंद नहीं है। टॉप 10 IAS में से 6 डेपुटेशन पर दिल्ली में हैं। मोदी सरकार के लिए काम कर रहे हैं। ये अधिकारी हैं… टॉप टेन के 4 आईएएस अधिकारी बिहार में तैनात सीनियर अफसर गए तब प्रत्यय अमृत बने मुख्य सचिव बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत IAS अफसरों की सीनियारिटी की टॉप 10 की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। उनके ऊपर के तीन अधिकारी (आईएएस अंशुली आर्या (1989), आईएएस संजय कुमार (1990) और आईएएस केशव कुमार पाठक (केके पाठक-1990) दिल्ली गए हैं। रैंकिंग में जूनियर अधिकारी प्रत्यय अमृत को बिहार में सबसे पावरफुल पद (मुख्य सचिव) मिला है। किसे मुख्य सचिव बनाना है यह सीएम का विशेष अधिकार होता है। बिहार में बुलडोजर एक्शन के पीछे हैं ये अधिकारी ! उप-मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के विभाग द्वारा पूरे बिहार में बुलडोजर एक्शन से अतिक्रमण हटाए गए। जानिए उनकी टीम में कौन से अधिकारी हैं। उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा की टीम में कौन-कौन अधिकारी? सबसे नीचे 2025 बैच के आईएएस अफसर सिविल लिस्ट 2026 में सबसे निचले पायदान (316 नंबर) पर 2025 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार हैं। इसके बाद अमित मीणा ( 315 नंबर), प्रिंस राज (314 नंबर), निलेश गोवल (313 नंबर), कल्पना रावत (312 नंबर), चेतन शुक्ला (311 नंबर) और कुमुद मिश्रा (310 नंबर) हैं। ये सभी ट्रेनिंग पर हैं। IAS सिविल लिस्ट क्या होती है? सरकार हर साल अफसरों का सिविल लिस्ट जारी करती है। यह काम साल की शुरुआत में होता है। यह सरकारी अधिकारियों, विशेषकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की ऑफिशियल लिस्ट होती है। इस लिस्ट में अधिकारियों के नाम, अलॉटमेंट वर्ष, वर्तमान पोस्टिंग, कैडर, शैक्षिक योग्यता और उनके करियर का पूरा रिकॉर्ड लिखा होता है। केंद्र सरकार का कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) हर साल इसे पब्लिश करता है। बिहार में सामान्य प्रशासन विभाग इसे जारी करता है। इस लिस्ट का इस्तेमाल प्रशासनिक कार्यों, अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग, प्रमोशन और नियुक्तियों के मैनेजमेंट में होता है। दरअसल, ‘सिविल लिस्ट’ शब्द ब्रिटिश शासन और राजशाही से आया है। इसमें पहले शाही परिवार के खर्चों और सरकारी कर्मचारियों के भुगतान के लिए आवंटित धन की जानकारी होती थी। 10 दिन तक आपत्तियां ली जाएंगी सरकार ने सिविल लिस्ट का फाइनल पब्लिकेशन से पहले प्रारूप जारी कर आपत्तियां मांगी है। इसके लिए 10 दिन समय दिया है। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह इसे भेज सकता है।  

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