Bhopal Service Roads Encroachment: भोपाल शहर की सड़कों पर सफर करना अब किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। सड़कों के साथ चलने वाली सर्विस रोड जो ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए बनाई गई थीं, वह अब भ्रष्टाचार और रसूख की चरागाह बन चुकी है। पत्रिका की पड़ताल में यह सच सामने आया है कि नगर निगम की अतिक्रमण शाखा से लेकर रसूखदार नेताओं तक, हर कोई इस बंदरबांट में शामिल है। (MP News)
गुमठियों से लेकर ठेलों तक वसूली
हमने शहर के नर्मदापुरम रोड, रायसेन रोड और एमपी नगर की पड़ताल की। यहां सर्विस रोड का अस्तित्व कागजों तक सिमट गया है। निगम के जोन और वार्ड स्तर के कर्मचारियों की मिलीभगत से यहां अवैध गुमठियां और फल-सब्जी के ठेले लगाए जा रहे हैं। बागमुगालिया थाने के सामने एक पान की गुमठी लगाने वाले ने बताया कि बिना निगम कर्मियों के यहां गुमठी नहीं चल सकती है। हर माह पैसे देने पड़ते हैं। निगम के लोग आते हैं, रसीद के नाम पर वसूली करते है।
बड़े शोरूम और होटलों का अतिक्रमण
सर्विस रोड पर छोटे दुकानदार ही नहीं, बल्कि बड़े शोरूम, गोदाम और आलीशान होटल इस खेल के असली खिलाड़ी हैं। इसमें कई बड़े संस्थानों ने सर्विस रोड को निजी पार्किंग बना लिया है। कहीं लोहे का गेट लगाकर पूरा रास्ता ही बंद कर दिया, तो कहीं पक्का निर्माण कर लिया है। (MP News)
नेताओं और अधिकारियों का गठजोड़
अतिक्रमण के इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के स्थानीय पार्षद एक ही सुर में गाते नजर आते हैं। जनता जाम में फंसती है। एम्बुलेंस रास्ता तलाशती है लेकिन नेताओं और अधिकारियों का गठबंधन इस अतिक्रमण को पालने में लगा है।- उमाशंकर तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता
भष्टाचार पर नकेल जरूरी
निगम की अतिक्रमण शाखा अब संरक्षण शाखा बन चुकी है। जब तक निगम प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक सर्विस रोड पर आम आदमी नहीं, बल्कि अतिक्रमण माफिया का ही राज रहेगा।-शबिस्ता जकी, नेता प्रतिपक्ष, निगम
निगम की अतिक्रमण शाखा लगातार कार्रवाई कर रही है। विभिन्न क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। जल्द ही शहर के अन्य हिस्सों में कार्रवाई होगी।-मुकेश शर्मा, अपर आयुक्त, निगम


