जमुई के बरहट प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को लगने वाला जनता दरबार इस बार नहीं लग सका,जिससे दूर-दराज से पहुंचे लोगों को भारी निराशा हाथ लगी। तय समय बीत जाने के बावजूद जब अंचलाधिकारी (सीओ) कार्यालय नहीं पहुंचे,लोग इंतजार करते रहे। दोपहर करीब 2:35 बजे तक जनता दरबार नहीं लगने पर लोग सवाल उठाने लगे और अंततः निराश होकर घर लौट गए। इस पूरे मामले को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो में एक युवक सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहता दिख रहा है “आदरणीय विजय सिन्हा जी,यही है आपका सिस्टम। हम जनता तो इसी सिस्टम में पीसने के लिए हैं।युवक आगे बताता है कि शनिवार को जनता दरबार लगना था, लेकिन सीओ साहब के दर्शन तक नहीं हुए। वायरल वीडियो में एक शख्स अंचल कार्यालय में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से सवाल करता नजर आता है। वह बताता है कि वह टाटा,झारखंड से यहां आया है और पूछता है कि अगर जनता दरबार नहीं लगना था तो पहले से नोटिस क्यों नहीं चिपकाया गया। उसका कहना है कि शुक्रवार को ही सूचना दी जानी चाहिए थी।इस पर कर्मचारी जवाब देते हैं कि जनता दरबार लगना था और शिव साहब से बातचीत भी हुई थी,लेकिन किसी कारणवश दरबार नहीं लग पाया। मौके पर मौजूद व्यक्ति ने बरहट प्रखंड के सीओ मयंक अग्रवाल को फोन कर अपनी समस्या बताई। सीओ ने फोन पर बताया कि अगले शनिवार को जनता दरबार लगाया जाएगा। इधर बिना पूर्व सूचना जनता दरबार नहीं लगने से आम लोगों में नाराजगी है।लोगों का कहना है कि एक दिन की सूचना भी नहीं दी गई,जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हुआ।अब जनता इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। गौरतलब है कि नई सरकार के गठन के बाद,स्थानीय पुलिस थानों में अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण भूमि विवादों का सही ढंग से निपटारा नहीं हो पा रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने हर शनिवार को अंचल कार्यालयों में जनता दरबार लगाने का निर्देश दिया था। इस मामले पर बरहट प्रखंड के अंचलाधिकारी मयंक अग्रवाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। जमुई के बरहट प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को लगने वाला जनता दरबार इस बार नहीं लग सका,जिससे दूर-दराज से पहुंचे लोगों को भारी निराशा हाथ लगी। तय समय बीत जाने के बावजूद जब अंचलाधिकारी (सीओ) कार्यालय नहीं पहुंचे,लोग इंतजार करते रहे। दोपहर करीब 2:35 बजे तक जनता दरबार नहीं लगने पर लोग सवाल उठाने लगे और अंततः निराश होकर घर लौट गए। इस पूरे मामले को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो में एक युवक सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहता दिख रहा है “आदरणीय विजय सिन्हा जी,यही है आपका सिस्टम। हम जनता तो इसी सिस्टम में पीसने के लिए हैं।युवक आगे बताता है कि शनिवार को जनता दरबार लगना था, लेकिन सीओ साहब के दर्शन तक नहीं हुए। वायरल वीडियो में एक शख्स अंचल कार्यालय में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से सवाल करता नजर आता है। वह बताता है कि वह टाटा,झारखंड से यहां आया है और पूछता है कि अगर जनता दरबार नहीं लगना था तो पहले से नोटिस क्यों नहीं चिपकाया गया। उसका कहना है कि शुक्रवार को ही सूचना दी जानी चाहिए थी।इस पर कर्मचारी जवाब देते हैं कि जनता दरबार लगना था और शिव साहब से बातचीत भी हुई थी,लेकिन किसी कारणवश दरबार नहीं लग पाया। मौके पर मौजूद व्यक्ति ने बरहट प्रखंड के सीओ मयंक अग्रवाल को फोन कर अपनी समस्या बताई। सीओ ने फोन पर बताया कि अगले शनिवार को जनता दरबार लगाया जाएगा। इधर बिना पूर्व सूचना जनता दरबार नहीं लगने से आम लोगों में नाराजगी है।लोगों का कहना है कि एक दिन की सूचना भी नहीं दी गई,जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हुआ।अब जनता इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। गौरतलब है कि नई सरकार के गठन के बाद,स्थानीय पुलिस थानों में अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण भूमि विवादों का सही ढंग से निपटारा नहीं हो पा रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने हर शनिवार को अंचल कार्यालयों में जनता दरबार लगाने का निर्देश दिया था। इस मामले पर बरहट प्रखंड के अंचलाधिकारी मयंक अग्रवाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।


