Skin Disease: सर्दियों में ज्यादा होने वाली यह खतरनाक बीमारी आपको बना सकती है टकला! अभी जानें क्या होती है Tinea Capitis

Skin Disease: सर्दियों में ज्यादा होने वाली यह खतरनाक बीमारी आपको बना सकती है टकला! अभी जानें क्या होती है Tinea Capitis

Skin Disease: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही हमारे शरीर में त्वचा की अनेकों बीमारियां पनपने लगती हैं। आपको यह भी लगता होगा कि सर्दियों में तो ये बीमारियां कम होनी चाहिए, लेकिन होता इसके विपरीत है। दरअसल इसके पीछे कई कारण होते हैं जैसे कि सर्दी में ठंडी हवा का चलना और बहुत ज्यादा गर्म पानी से नहाना। गर्म पानी भी कई बीमारियों का कारण बनता है। ऐसी ही एक बीमारी है टीनिया कैपिटिस(Tinea Capitis)। आइए जानते हैं कि यह बीमारी क्या होती है? इसके कारण क्या होते हैं? टीनिया कैपिटिस के लक्षण और बचाव क्या हैं?

क्या होता है टीनिया कैपिटिस?(Tinea Capitis)

टीनिया कैपिटिस एक फंगल इन्फेक्शन होता है जो हमारे शरीर में ‘डर्मेटोफाइट्स’ नाम के फंगस के कारण होता है। सामान्य भाषा में समझें तो इसे हम ‘सिर के दाद’ के नाम से जानते हैं। यह फंगस हमारे बालों को बहुत ज्यादा कमजोर कर देता है और सिर की त्वचा के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश करता है। यह सिर में बहुत ज्यादा खुजली और चकत्ते बनाता है। गंभीर स्थिति में इसमें दर्द भी होता है। यह बीमारी ज्यादातर बच्चों में होती है क्योंकि सर्दी के समय बच्चों को कभी-कभी कई दिनों तक नहलाया नहीं जाता या बहुत ज्यादा गर्म पानी का प्रयोग किया जाता है। यही कारण बच्चों में यह बीमारी ज्यादा पैदा करता है। हालांकि वयस्कों में भी यह बीमारी बड़े स्तर पर देखने को मिलती है।

टीनिया कैपिटिस के कारण क्या होते हैं?(Tinea Capitis Cause)

1. पालतू जानवरों के ज्यादा संपर्क में रहने से।
2. संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से।
3. बहुत ज्यादा ठंड या फिर गर्म और उमस भरे वातावरण में रहने से।

टीनिया कैपिटिस के लक्षण क्या होते हैं?(Tinea Capitis Symptoms)

  • सिर की त्वचा पर लाल और भूरे रंग के निशान होना।
  • संक्रमित जगह पर बहुत ज्यादा खुजली होना।
  • पैच के रूप में बालों का झड़ना।
  • सिर की त्वचा से पपड़ी या डैंड्रफ जैसा निकलना।
  • गंभीर स्थिति में बुखार का आना।

टीनिया कैपिटिस से बचाव के उपाय क्या होते हैं?(Tinea Capitis Prevention)

  • अपनी निजी वस्तुएं जैसे कंघी, तौलिया या टोपी दूसरों के साथ साझा न करें।
  • व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं और उन्हें स्वच्छता से रहने की सलाह दें।
  • समय-समय पर अपने पालतू जानवरों की भी जांच करवाएं।

डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं, बल्कि इस बारे में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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