सीतामढ़ी के सदर अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए कीमोथेरेपी सेवा औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। यह सुविधा राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार और होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, मुजफ्फरपुर के सहयोग से स्थापित की गई है। इससे सीतामढ़ी, शिवहर और सीमावर्ती नेपाल के कैंसर मरीजों को उनके गृह जिले में ही इलाज मिल सकेगा। जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने सदर अस्पताल के कैंसर विभाग का निरीक्षण कर नई सेवा का जायजा लिया। उन्होंने विभाग में उपलब्ध संसाधनों, दवाइयों और उपचार प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। डीएम ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों को जिले में कैंसर स्क्रीनिंग और जांच की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि बीमारी की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो सके। मरीजों से स्वास्थ्य की ली जानकारी रिची पांडेय ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कीमोथेरेपी सेवा की शुरुआत जिले के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। अब मरीजों को इलाज के लिए पटना, मुजफ्फरपुर या अन्य बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। यह सुविधा विशेष रूप से गरीब, जरूरतमंद और ग्रामीण मरीजों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में कैंसर स्क्रीनिंग और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को मिशन मोड में संचालित किया जाए। कीमोथेरेपी की शुरुआत महत्वपूर्ण उपलब्धि इस अवसर पर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. जेड. जावेद और कैंसर विभाग के चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि सदर अस्पताल में कीमोथेरेपी की शुरुआत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर कैंसर मरीजों को उनके जिले में ही सुलभ, सुरक्षित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कैंसर विभाग को और सुदृढ़ किया जाएगा तथा जांच, उपचार और परामर्श सुविधाओं का लगातार विस्तार होगा। मौके पर वरीय चिकित्सक डॉ. आर. के. यादव भी मौजूद थे।कीमोथेरेपी सेवा शुरू होने से अब मरीजों को जिले में ही नियमित उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकीय निगरानी और परामर्श की सुविधा मिलेगी, जिससे समय, धन और मानसिक तनाव की बड़ी बचत होगी। सीतामढ़ी के सदर अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए कीमोथेरेपी सेवा औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। यह सुविधा राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार और होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, मुजफ्फरपुर के सहयोग से स्थापित की गई है। इससे सीतामढ़ी, शिवहर और सीमावर्ती नेपाल के कैंसर मरीजों को उनके गृह जिले में ही इलाज मिल सकेगा। जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने सदर अस्पताल के कैंसर विभाग का निरीक्षण कर नई सेवा का जायजा लिया। उन्होंने विभाग में उपलब्ध संसाधनों, दवाइयों और उपचार प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। डीएम ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों को जिले में कैंसर स्क्रीनिंग और जांच की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि बीमारी की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो सके। मरीजों से स्वास्थ्य की ली जानकारी रिची पांडेय ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कीमोथेरेपी सेवा की शुरुआत जिले के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। अब मरीजों को इलाज के लिए पटना, मुजफ्फरपुर या अन्य बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। यह सुविधा विशेष रूप से गरीब, जरूरतमंद और ग्रामीण मरीजों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में कैंसर स्क्रीनिंग और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को मिशन मोड में संचालित किया जाए। कीमोथेरेपी की शुरुआत महत्वपूर्ण उपलब्धि इस अवसर पर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. जेड. जावेद और कैंसर विभाग के चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि सदर अस्पताल में कीमोथेरेपी की शुरुआत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर कैंसर मरीजों को उनके जिले में ही सुलभ, सुरक्षित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कैंसर विभाग को और सुदृढ़ किया जाएगा तथा जांच, उपचार और परामर्श सुविधाओं का लगातार विस्तार होगा। मौके पर वरीय चिकित्सक डॉ. आर. के. यादव भी मौजूद थे।कीमोथेरेपी सेवा शुरू होने से अब मरीजों को जिले में ही नियमित उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकीय निगरानी और परामर्श की सुविधा मिलेगी, जिससे समय, धन और मानसिक तनाव की बड़ी बचत होगी।


