बक्सर प्रशासन की चेतावनी, अवैध ‘RTO e-Challan’ APK से बचें:साइबर ठगी होने की आशंका, APK को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू

बक्सर प्रशासन की चेतावनी, अवैध ‘RTO e-Challan’ APK से बचें:साइबर ठगी होने की आशंका, APK को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू

बक्सर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। प्रशासन के संज्ञान में आया है कि ‘RTO e-Challan’ नाम से एक अनधिकृत (unauthorised) APK फाइल सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्रसारित की जा रही है, जो लोगों को भ्रमित कर रही है। यह फर्जी APK नागरिकों को सरकारी चालान और परिवहन सेवाओं से जोड़ने का झांसा दे रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि RTO e-Challan या किसी भी सरकारी सेवा के लिए कोई अधिकृत APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल करने की व्यवस्था नहीं है। APK पूरी तरह अवैध परिवहन विभाग से संबंधित सभी वैधानिक चालान, सेवाएं और भुगतान केवल भारत सरकार और बिहार सरकार द्वारा अधिकृत आधिकारिक पोर्टल या मान्य मोबाइल ऐप के माध्यम से ही संचालित किए जाते हैं। किसी भी तीसरे पक्ष या अज्ञात स्रोत से प्राप्त APK पूरी तरह अवैध और जोखिमपूर्ण है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे फर्जी APK के जरिए मोबाइल फोन से निजी जानकारी, बैंकिंग डेटा चोरी होने के साथ-साथ साइबर ठगी और वित्तीय धोखाधड़ी की गंभीर आशंका है। ठग इन लिंक्स या ऐप्स के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर उनके खातों से पैसे निकाल सकते हैं या मोबाइल को हैक कर सकते हैं। APK को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने साइबर थाना, बक्सर को विधिसम्मत कार्रवाई के लिए सूचित किया है। साथ ही, तकनीकी एजेंसियों की मदद से उक्त अनधिकृत APK के स्रोत की पहचान और उसे ब्लॉक कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि यह फर्जी APK किन-किन माध्यमों से और कितने लोगों तक पहुंचा है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, संदेश या अनधिकृत APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए केवल अधिकृत सरकारी वेबसाइट या प्रमाणित मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें। किसी भी प्रकार का संदेह होने पर या संदिग्ध ऐप, लिंक अथवा संदेश मिलने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल को इसकी सूचना दें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। नागरिक जागरूक रहेंगे तो इस तरह की ठगी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। बक्सर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। प्रशासन के संज्ञान में आया है कि ‘RTO e-Challan’ नाम से एक अनधिकृत (unauthorised) APK फाइल सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्रसारित की जा रही है, जो लोगों को भ्रमित कर रही है। यह फर्जी APK नागरिकों को सरकारी चालान और परिवहन सेवाओं से जोड़ने का झांसा दे रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि RTO e-Challan या किसी भी सरकारी सेवा के लिए कोई अधिकृत APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल करने की व्यवस्था नहीं है। APK पूरी तरह अवैध परिवहन विभाग से संबंधित सभी वैधानिक चालान, सेवाएं और भुगतान केवल भारत सरकार और बिहार सरकार द्वारा अधिकृत आधिकारिक पोर्टल या मान्य मोबाइल ऐप के माध्यम से ही संचालित किए जाते हैं। किसी भी तीसरे पक्ष या अज्ञात स्रोत से प्राप्त APK पूरी तरह अवैध और जोखिमपूर्ण है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे फर्जी APK के जरिए मोबाइल फोन से निजी जानकारी, बैंकिंग डेटा चोरी होने के साथ-साथ साइबर ठगी और वित्तीय धोखाधड़ी की गंभीर आशंका है। ठग इन लिंक्स या ऐप्स के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर उनके खातों से पैसे निकाल सकते हैं या मोबाइल को हैक कर सकते हैं। APK को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने साइबर थाना, बक्सर को विधिसम्मत कार्रवाई के लिए सूचित किया है। साथ ही, तकनीकी एजेंसियों की मदद से उक्त अनधिकृत APK के स्रोत की पहचान और उसे ब्लॉक कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि यह फर्जी APK किन-किन माध्यमों से और कितने लोगों तक पहुंचा है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, संदेश या अनधिकृत APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए केवल अधिकृत सरकारी वेबसाइट या प्रमाणित मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें। किसी भी प्रकार का संदेह होने पर या संदिग्ध ऐप, लिंक अथवा संदेश मिलने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल को इसकी सूचना दें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। नागरिक जागरूक रहेंगे तो इस तरह की ठगी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *