सहरसा के रेड लाइट एरिया में देह व्यापार के धंधे में संलिप्त पाई गईं 11 महिलाओं को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले में कुल 16 युवतियों को पकड़ा गया था, जिनमें से 5 नाबालिग लड़कियों को सहरसा कोर्ट के आदेश पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) में रखा गया है। पुलिस ने 22 नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ सहरसा सदर थाने में एफआईआर दर्ज की है। सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने शुक्रवार रात को जानकारी देते हुए बताया कि यह एफआईआर कहरा प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अभिलाषा के आवेदन पर दर्ज की गई है। पकड़ी गई 16 युवतियों में से 11 बालिग थीं, जिन्हें देह व्यापार में संलिप्तता के आरोप में शुक्रवार को जेल भेजा गया। शेष 5 नाबालिग लड़कियों को कोर्ट में पेश करने के बाद CWC को सौंपा गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक युवक द्वारा सहरसा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत के बाद शुरू हुई। शिकायत में रेड लाइट एरिया में अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी। 15 लड़कियों को किया गया रेस्क्यू इसी के आलोक में बुधवार रात को सहरसा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी, मुख्यालय डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह और चाइल्ड हेल्पलाइन के अधिकारी शामिल थे। टीम ने छापेमारी कर 15 लड़कियों को रेस्क्यू किया और उन्हें सदर थाना लाया गया। आपत्तिजनक सामान जब्त छापेमारी के अगले दिन गुरुवार को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम रेड लाइट एरिया पहुंची। टीम ने वहां से एक लड़की और कई आपत्तिजनक सामान जब्त किए। पुलिस अधिकारियों ने जांच के दौरान पुष्टि की कि इलाके में अवैध तरीके से देह व्यापार का धंधा चल रहा था। इसके बाद, जिला प्रशासन ने रेड लाइट एरिया के 12 मकानों को चिह्नित कर उन्हें सील कर दिया है। इन मकानों के मालिकों को भी दर्ज एफआईआर में आरोपी बनाया गया है। सहरसा के रेड लाइट एरिया में देह व्यापार के धंधे में संलिप्त पाई गईं 11 महिलाओं को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले में कुल 16 युवतियों को पकड़ा गया था, जिनमें से 5 नाबालिग लड़कियों को सहरसा कोर्ट के आदेश पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) में रखा गया है। पुलिस ने 22 नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ सहरसा सदर थाने में एफआईआर दर्ज की है। सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने शुक्रवार रात को जानकारी देते हुए बताया कि यह एफआईआर कहरा प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अभिलाषा के आवेदन पर दर्ज की गई है। पकड़ी गई 16 युवतियों में से 11 बालिग थीं, जिन्हें देह व्यापार में संलिप्तता के आरोप में शुक्रवार को जेल भेजा गया। शेष 5 नाबालिग लड़कियों को कोर्ट में पेश करने के बाद CWC को सौंपा गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक युवक द्वारा सहरसा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत के बाद शुरू हुई। शिकायत में रेड लाइट एरिया में अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी। 15 लड़कियों को किया गया रेस्क्यू इसी के आलोक में बुधवार रात को सहरसा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी, मुख्यालय डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह और चाइल्ड हेल्पलाइन के अधिकारी शामिल थे। टीम ने छापेमारी कर 15 लड़कियों को रेस्क्यू किया और उन्हें सदर थाना लाया गया। आपत्तिजनक सामान जब्त छापेमारी के अगले दिन गुरुवार को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम रेड लाइट एरिया पहुंची। टीम ने वहां से एक लड़की और कई आपत्तिजनक सामान जब्त किए। पुलिस अधिकारियों ने जांच के दौरान पुष्टि की कि इलाके में अवैध तरीके से देह व्यापार का धंधा चल रहा था। इसके बाद, जिला प्रशासन ने रेड लाइट एरिया के 12 मकानों को चिह्नित कर उन्हें सील कर दिया है। इन मकानों के मालिकों को भी दर्ज एफआईआर में आरोपी बनाया गया है।


