महराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन क्षेत्र में बाघ के हमले से 14 वर्षीय किशोरी गुड्डी चौधरी की मौत हो गई। वह जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय और वन विभाग के प्रति असंतोष देखा जा रहा है। गुड्डी चौधरी शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे अपनी सहेलियों के साथ सोहगीबरवा जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। शाम तक उसकी सहेलियां घर लौट आईं, लेकिन गुड्डी नहीं लौटी। परिजनों और ग्रामीणों ने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शनिवार सुबह करीब 8 बजे सोहगीबरवा जंगल के अंदर गुड्डी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। जंगली जानवर ने उसके शरीर के कई टुकड़े कर दिए थे। आशंका जताई जा रही है कि यह हमला बाघ या तेंदुए ने किया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। महराजगंज के डीएफओ ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। डीएफओ के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो पाएगा कि हमला बाघ ने किया है या तेंदुए ने। इस घटना के बाद गांव में शोक और भय का माहौल है। ग्रामीणों ने जंगल में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों पर चिंता जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।


